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अवैध कच्ची शराब पर आखिर कब लगेगी लगाम,पुलिस के संरक्षण में हो रहा है व्यापार

अवैध कच्ची शराब पर आखिर कब लगेगी लगाम,पुलिस के संरक्षण में हो रहा है व्यापार

मगरलोड, 30 दिसंबर। मगरलोड थाना अंतर्गत के अलग - अलग ग्रामों में अवैध शराब के व्यापार में बेतहाशा बढ़ोत्तरी देखी गई है। क्षेत्र के वनांचल इलाकों में इन दिनों लाखों रुपये के शराब होता है।कच्ची शराब के ठिकानों पर कार्रवाई के लिए पुलिस चुप्पी साध ली है।लिहाजा इस व्यापार से जुड़े लोगों के हौसलें बुलंद है और भारी मात्रा में कच्ची शराब का व्यापार कर रहे है।वहीं दूसरी ओर गांवों में शराब बिकने के कारण बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे है।सुबह से ही गांव की गलियों में शराब प्रेमियों का जमावड़ा लगा रहता है।इसके साथ ही नशे में शराबी अपशब्दों का प्रयोग करते है।जिसके कारण ग्रामीण महिलाएं अपने आप को असहज महसूस करती है। 

नये थाना प्रभारी के आने के बाद नहीं के बराबर हुई है,कार्रवाई

यह बताना भी लाजमी है कि मगरलोड थाना में नए थाना प्रभारी विनोद कतलम के पदस्थापना के बाद शराब माफियाओ पर कार्रवाई नहीं के बराबर हुई है।इससे पहले के थाना प्रभारियों ने अवैध शराब के ठिकानों पर दबिश देकर लगाम लगाने की कोशिश की,थी।जिससे क्षेत्र की जनता अंजान नही है। लेकिन थाना प्रभारी के पदस्थापना के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में नजर आ रही है।छोटे कोचियों पर कुछ कार्रवाई जरूर हुई,लेकिन जिनकी पहुँच सफेदपोश नेताओं और स्थानीय पुलिस तक है उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।थाना से जुड़े विश्वनीय सूत्रों की मानें तो जब, भी ऐसी कोई शिकायत होती है। तो पुलिस वाले फ़ोन करके इन माफियाओं को सूचित कर देते है। 


इन जगहों पर होता है कारोबार

मगरलोड क्षेत्र वनांचल क्षेत्र होने के कारण जंगलों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाया जाता है। मोहंदी,बेलोरा,जामली,पाहंदा, बोदलबाहरा,बिरझूली,आलेखूंटा, पठार, परसबुड़ा, कोरगांव समेत क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में अवैध कच्ची शराब का कारोबार होता है।इस मगरलोड थाना प्रभारी द्वारा अभी तक कोई ठोस कदम नही उठाने से लाखों का व्यापार होता है। 

शिकायत पर नही होती कोई सुनवाई,माफिया दिखाते है धौंस

अवैध शराब को लेकर पुलिस से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।ग्रामीणों के साथ साथ जनप्रतिनिधियों ने कई बार इसकी मौखिक शिकायत थाना प्रभारी से कर चुके है, लेकिन सबकी शिकायतों कोई सुनवाई नहीं होती है।वहीं दूसरी ओर कोई कार्रवाई नहीं होने के वजह से शराब माफिया अपनी धौस दिखाते नजर आते है।बीते 18 दिसंबर को जिला प्रशासन की ओर शुष्क दिवस घोषित किया गया था।लेकिन पुलिस की संरक्षण में क्षेत्र में लाखों के शराब का कारोबार किया गया।उस दिन ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद मगरलोड पुलिस करीब तीन घंटे के बाद मौके पर पहुँची थी। 

आखिर कब होगी कार्रवाई

क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब पर आखिर कार्रवाई कब होगी? ये अपने आप में बड़ा सवाल बना  हुआ है।पुलिस के संरक्षण में चल रहे,इस कारोबार का प्रसार बढ़ता जा रहा है।अब देखना लाजमी होगा कि इस पर कब तक लगाम लग पाती है।