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टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंस

टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंस

दुनिया भर में मान्यता प्राप्त 100 भारतीय वस्त्र मशीनरी चैंपियनों के निर्माण का है समय - पीयूष गोयल

नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, कपड़ा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री  पीयूष गोयल ने वस्त्र उद्योग से गति बढ़ाने के साथ कौशल और पैमाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए अभिनव साझेदारी में शामिल होने का आग्रह किया है।

उन्होंने दुनिया भर में मान्यता प्राप्त 100 भारतीय वस्त्र मशीनरी चैंपियन विकसित करने का भी आह्वान किया। वाणिज्य और उद्योग, कपड़ा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री  पीयूष गोयल ने टेक्नोलॉजी गैप एंड वे फॉरवर्ड फॉर टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स विषय पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वस्त्र मशीनरी के निर्माताओं के साथ हुए वार्तालाप में यह विचार व्यक्त किए।  गोयल ने वस्त्र मशीनरी के निर्माताओं से कहा कि वे कमांड-एंड-कंट्रोल मानसिकता से बाहर निकलें और कपड़ा क्षेत्र को व्यापक और उत्साह पूर्ण तरीके से जीवंत बनाने की दिशा में कार्य करें।

उन्होंने कहा कि भारत को वस्त्र मशीनरी का व्यापक पैमाने पर उत्पादन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में गुणवत्ता और व्यापक मात्रा के साथ उत्पादन करते हुए दुनिया की पसंद की मशीनरी का उत्पादन करने में वैश्विक रूप से अग्रणी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम आयात के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें वस्त्र अभियांत्रिकी उद्योग और सरकार के साथ मिलकर यह प्रयास करना चाहिए कि भारत में वस्त्र मशीनरी की आयात निर्भरता को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पर ध्यान देने से बड़े बाजारों और उच्च उत्पादकता पर पैठ बनाने में मदद मिलेगी।

 गोयल ने आशा व्यक्त की कि एक आधुनिक और उन्नत वस्त्र मशीनरी से युक्त व्यवस्था का असंगठित भारतीय कपड़ा उद्योग पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। यह निरंतर उन्नति और नवाचार के लिए गति निर्धारित करेगा जिसके परिणामस्वरूप मूल्य श्रृंखला के साथ प्रतिस्पर्धी क्षमताओं में विकास और वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मशीनरी निर्माण की सुविधा से वर्तमान स्थिति को बदला जा सकेगा और इससे मूल्य श्रृंखला के साथ गतिशीलता को बढ़ावा मिलने से घरेलू खपत में वृद्धि होगी और आयात निर्भरता को धीरे-धीरे कम करते हुए उच्च मूल्य के सामानों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

इसके लिए विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में लागत को कम करके क्षमता बढ़ाने के कपड़ा, भारी उद्योग मंत्रालय की डिजिटल नवाचार/अनुकूलन संभावनाओं के साथ सरकार के साधनों को समन्वित करना महत्वपूर्ण है।   पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन को 2014-15 के लगभग 31 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2025 तक 101 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाना है।

भारत की 100 करोड़ टीकों की हाल की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि 130 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास और भारत की आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। उन्होंने मिशन चंद्रयान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की एक सफलता थी। मंत्री महोदय ने टेक्सटाइल मशीनरी विनिर्माताओं से वस्त्र क्षेत्र में भी इसी तरह की सफलता हासिल करने का आह्वान किया।

 गोयल ने कहा कि हम परिवर्तनकारी बदलाव के अभियान पर हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो इसका अभिप्राय: भारत को वैश्विक मानचित्र पर उसका सही स्थान प्रदान करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि आज, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत व्यापक और साहसिक सोच रखने के साथ-साथ अधिक महत्वाकांक्षी होने के कड़े लक्ष्यों को निर्धारित करने के मामले में अत्यंत उत्साह के साथ कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में वस्त्र और परिधान निर्यात के लिए 100 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा है और इसे प्राप्त करने में कपड़ा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारतीय कपड़ा अभियांत्रिकी उद्योग (टीईआई) विनिर्माण उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की आधारशिला है, जिसमें घरेलू अनुसंधान एवं विकास, उद्यमशीलता की भावना और संयुक्त उद्यमों की खोज ने नए अवसरों का शुभारंभ किया है।

 गोयल ने यह भी उल्लेख किया कि भारत में कपड़ा उत्पादन का इतिहास प्राचीन काल से है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा प्रचारित खादी और चरखा को अपनाने के सरल कार्य ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाया और चरखे को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना दिया। उन्होंने कहा कि कई मायनों में यह भारत के लिए हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण और 'आत्मनिर्भर भारत' की भावना से भी मेल खाता है।

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक चैंपियन और पीएम मित्र योजना के माध्यम से यह वस्त्र समूह के निर्माण का प्रयास कर रही है।  गोयल ने कहा कि उद्योग को प्रोत्साहित करने और इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी के लिए एक आम बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए जल्द ही सात स्थलों की पहचान की जाएगी। उन्होंने निर्माताओं से पीएम मित्र योजना में शामिल होने और इसका लाभ उठाकर विनिर्माण इकाइयाँ स्थापित करने का भी आग्रह किया।

 गोयल ने कहा कि अभी भी कुछ चुनौतियां हैं जैसे तरलता और कच्चे माल की बढ़ती लागत और माल ढुलाई के लिए सरकार सक्रिय रूप से कई कदम उठा रही है ताकि टीईआई ऐसे मुद्दों का समाधान प्राप्त कर सकें।