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जब दिल को छू लेती है भावपूर्ण अभिव्यक्ति तो वह धारण कर लेता है काव्य का रूप

जब दिल को छू लेती है भावपूर्ण अभिव्यक्ति तो वह धारण कर लेता है काव्य का रूप


सक्ती। भाव अभिव्यक्ति का माध्यम भाषा है और भावपूर्ण अभिव्यक्ति जब दिल को छू लेती है तो वह काव्य का रूप धारण कर लेती है यह उद्गार व्यक्त करते हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता चितरंजय सिंह ने कला कौशल साहित्य संगम द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह व कवि सम्मेलन में कविता के द्वारा समाज को समरसता के साथ जीवन का आह्वान किया तो वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य राजेंद्र महाराज ने अपने कविता के माध्यम से प्रभु से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रही इंद्राणी साहू ने अपने काव्यपाठ से श्रोताओं को मोहित कर दिया।


इस अवसर पर बिलासपुर से पधारे कवि विजय तिवारी, सनत तिवारी,विनय पाठक, बुधराम, रेखराम, मनोहर, मयंक मणि,राम साय, तेज पाल, साधना मिश्रा खरोरा, नरेंद्र वैष्णव सक्ती, भगत राम साहू सक्ती, जुगेशचंद्र दास (खरोरा), खीर सागर,कुमार, प्रेमचंद्र, कौशल,संतोषी श्रद्धा महंत ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस अवसर पर भाववत प्रवाह आध्यात्मिक सेवा संस्थान के सचिव हेम लाल जायसवाल, कोषाध्यक्ष दीनदयाल गबेल की गरिमामय उपस्थिति रही।