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अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर प्लान : एक साल में कानपुर से गुजरात के बंदरगाहों तक खुलेगा डीएफसी लिंक

अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर प्लान : एक साल में कानपुर से गुजरात के बंदरगाहों तक खुलेगा डीएफसी लिंक

नयी दिल्ली।  रेलवे अगले साल के अंत तक उत्तर प्रदेश के कानपुर से गुजरात के पालनपुर तक समर्पित मालवहन गलियारा (डीएफसी) का 45 प्रतिशत हिस्सा चालू कर देगी जिससे गुजरात के तीन बंदरगाहों कांडला, पिपावाव एवं मुंदरा तक कनेक्टिविटी कायम हो जाएगी।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनोद कुमार यादव ने यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस महीने पूर्वी डीएफसी में कानपुर के भाऊपुर से खुर्जा तक 353 किलोमीटर के खंड और पश्चिमी डीएफसी पर रेवाड़ी से मदार तक 335 किलोमीटर के खंड को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। मार्च 2021 तक मदार पालनपुर का खंड, जून 2021 तक खुर्जा से दादरी खंड तथा रेवाड़ी से दादरी खंड दिसंबर 2021 तक पूरा हो जाएगा। इस प्रकार से दिसंबर 2021 तक कानपुर से पालनपुर तक डीएफसी की सीधी कनेक्टिविटी चालू हो जाएगी। पालनपुर से गुजरात के तीन बंदरगाह - कांडला, पिपावाव और मुंदरा पहले ही कनेक्ट हैं।

 यादव ने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए और रेल परिवहन में गेम चेंजर होगा। इससे दिल्ली मुंबई और दिल्ली से हावड़ा मार्ग पर यात्री गाड़ियों की गति एवं आवृत्ति दोनों में वृद्धि संभव होगी।

मालवहन में रेलवे की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री यादव ने कहा कि रेलवे ने नवंबर में 10.968 करोड़ टन की लोडिंग की जबकि गत वर्ष नवंबर में यह आंकड़ा 10.096 करोड़ टन था। इस प्रकार से लोडिंग करीब नौ प्रतिशत रही। नवंबर 2020 में रेलवे के 300 रैकों में माल ढुलाई हुई जबकि नवंबर 2019 में यह संख्या 160 थी। इस प्रकार से 87.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। परिमाण में यह वृद्धि 87.2 लाख टन की है।

उन्होंने कहा कि नवंबर 2020 में औसत ढुलाई का आंकड़ा 58 हजार 726 टन रहा जबकि अक्टूबर 2020 में यह आंकड़ा 56 हजार 128 टन था। उन्होंने कहा कि डीएफसी के पूरा होने पर रेल से माल ढुलाई में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए डीएफसी के हर स्टेशन पर गुड्स शेड बनाये जा रहे हैं।