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नरवा विकास कार्यों के क्लस्टर वार डीपीआर समय-सीमा में प्रस्तुत करें- सीइओ

नरवा विकास कार्यों के क्लस्टर वार डीपीआर समय-सीमा में प्रस्तुत करें- सीइओ


सभी जनपद पंचायतों के साथ तकनीकी अमले को जिला पंचायत सीइओ ने दिए निर्देश 

बैकुण्ठपुर, 5 अप्रैल। कोरिया जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत होने वाले नरवा विकास के कार्यों के लिए समय सीमा का निर्धारण राज्य द्वारा तय किया गया है। कोरिया जिले के सभी कार्य प्रस्ताव निर्धारित समयावधि में राज्य को प्रस्तुत किए जा सकें इसके लिए आवश्यक है कि आप सभी अपने ग्राम पंचायतों से संबंधित नरवा के डीपीआर आगामी एक सप्ताह में बनाकर जिला पंचायत में प्रस्तुत करें। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुणाल दुदावत ने जिला पंचायत के मंथन कक्ष में उक्ताशय के निर्देश जनपद पंचायत के तकनीकी अमले को दिए। इस दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन अभियंता और सभी जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी भी उपस्थित रहे। नरवा के डीपीआर को लेकर मंथन कक्ष में आयोजित एक संक्षिप्त बैठक को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीइओ ने कहा कि जिले में कुल 527 नरवा विकास के डीपीआर बनाए जाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाना है। जिले में अब तक 32 डीपीआर तैयार हुए हैं और राज्य द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुरूप  यह काफी कम है। इसलिए आवश्यक है कि सभी तकनीकी अधिकारी अपने फील्ड मंे ज्यादा से ज्यादा समय इस कार्य के लिए दें ताकि सभी डीपीआर समय पर तैयार कर राज्य को प्रेषित किए जा सकें। 


नरवा डीपीआर के बाद जिला पंचायत सीइओ ने कोविड के वैक्सीनेषन अभियान के बारे में संक्षिप्त चर्चा कर सभी को अपने आस पास रहने वाले 45 वर्ष या उससे ज्यादा के सभी परिजनों और पड़ोसियों को कोरोना से बचाव हेतु टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देष दिए। जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारियों को टीकाकरण के साथ ही साथ समय पर आनलाइन इंट्री कराए जाने के निर्देष देते हुए उन्होने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ समन्वय कर आवष्यकता होने पर उन्हे डाटा इंट्री आपरेटर भी उपलब्ध कराएं। वनाधिकार पत्रक धारियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार प्रदान किए जाने की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत सीइओ ने कहा कि हमें वित्तीय वर्ष 2021-22 में ष्षत-प्रतिषत पंजीकृत वनाधिकार पट्टा प्राप्त परिवारों को लक्षित मानव दिवस प्रदान करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य करना है। साथ ही यह भी सुनिष्चित करें कि उनके भूमि के विकास के साथ परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो सके और उन्हे बेहतर आजीविका से जोड़ा जा सके। महात्मा गांधी नरेगा के तहत भेजे जाने वाले विभिन्न तरह के कार्य प्रस्तावों के साथ उन्होंने जनपद पंचायत सीइओ और तकनीकी अमले को कार्य की आवष्यकता सुनिश्चत करने संबंधी प्रतिवेदन भी ध्यान पूर्वक भेजने के निर्देष दिए। उन्होने सभी कार्यों को समय बद्ध तरीके से गुणवत्ता से पूर्ण कराने के लिए भी निर्देषित किया। इस बैठक में जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा, सभी कार्यक्रम अधिकारी तथा जिले भर के सभी तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।