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कोरोना काल में अनाथ हुई बच्चियों को, मिला सरकार का सहारा

कोरोना काल में अनाथ हुई बच्चियों को, मिला सरकार का सहारा

 इटियाथोक,गोंडा।  कोरोना वायरस ने बहुत से परिवारों से उनकी खुशियांं हमेशा के लिए छीन ली हैं, जिन परिवार में कल तक किलकारियां गूंजा करतीं थीं, आज उसी घर में बच्चे गुमसुम नजर आ रहे हैं। ऐसे ही बच्चों के जीवन में दोबारा खुशियांं लाने की हरसंभव कोशिश में सूबाई सरकार जुटी है। जिन बच्चों ने कोरोना के चलते अपने माता-पिता को खोया है, उनकी चिंता सरकार को है, और अब ऐसे बच्चों और परिवार की पहचान कर उन्हें हरसंभव मदद पहुंचाने की तरफ कदम बढ़ाया गया है। इसके अलावा ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता कोरोना को मात देने के लिए अस्पताल में भर्ती हैं, या होम आइसोलेशन में हैं, और बच्चे की देखभाल करने वाला परिवार में कोई नहीं है, उन बच्चों के संरक्षण पर भी पूरा ध्यान है। इसी अनुक्रम में सोमवार को चाइल्ड लाइन सब सेंटर व जिला बाल संरक्षण इकाई टीम ने इटियाथोक ब्लॉक क्षेत्र के विशुनपुर संगम गांव मे अनाथ हुए बच्चों के घर पहुंचकर हाल जाना व हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।टीम में नीलम सरोज व चाईल्ड लाइन सब सेंटर के अखिलेश कुमार रहे। गौरतलब है कि विशुनपुर संगम गांव के भगवान दीन गुप्ता व उनकी पत्नी सुमित्रा देवी कोविड-19 से  कुछ दिनों पूर्व गुजरात मे मौत हो गई थी।जिनके दो लड़कियां निशा (17) व अंकिता (8) वर्ष बताई जा रही है।माता-पिता का सर से साया छूट जाने से ये बच्चियां अनाथ हो गई, हालांकि दोनों की देखभाल व परवरिश बड़े पिता भगवती प्रसाद कर रहे हैं।