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कोविड के मरीज नहीं, खाली पड़े कोविड डेडिकैटेड वार्ड का उपयोग शुरु

 कोविड के मरीज नहीं, खाली पड़े कोविड डेडिकैटेड वार्ड का उपयोग शुरु

  मरीज होने पर भर्ती मरीजों को करेंगे दूसरे वार्ड में शिफ्ट  

महासमुंद।  करीब दो साल पहले कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए कोविड डेडिकेटैड वार्ड में मरीज न होने से वार्ड में सामान्य मरीजों को रखा जा रहा है। हालांकि प्रबंधन ने भविष्य में कोविड के गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए नीचे में कुछ बेड अभी सुरक्षित रखा है। ताकि मरीज आने पर इसका उपयोग किया जा सके।

अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक 60 बिस्तर वाले कोविड डेडिकैटेड वार्ड में सिर्फ उपर तले में बने वार्ड का ही उपयोग मरीजों को भर्ती किए जाने के लिए किया जा रहा है। नीचे का वार्ड भविष्य में संभावित मरीजों को देखते हुए रिजर्व रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो वर्तमान में यहां मेडिसिन वाले करीब दो दर्जन से अधिक मरीजों को उपचार के लिए वार्ड में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि कोविड की दूसरी लहर के बाद से इस वर्ष आए तीसरी लहर में कुछ मरीज ही संक्रमित हुए जिनमें ज्यादातर मरीजों का उपचार होम आइसोलेशन में हो गया जिसके चलते वार्ड का उपयोग नहीं के बराबर हुआ। वर्तमान में जिले में मरीज न होने से प्रबंधन ने खाली पड़े वार्ड का उपयोग सामान्य मरीजों को रखने के लिए किए जाने का निर्णय लिया और उपयोग शुरु कर दिया है।

बढ़ रहे मरीज, वार्डों में जगह नहीं

जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए अधिग्रहीत जिला अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढऩे के बाद कई तरह के ऑपरेशन हो रहे जिससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कई मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है जिससे वार्ड में जगह नहीं है। जिससे प्रबंधन कोविड हॉस्पिटल का उपयोग अस्पताल में भर्ती हो रहे मरीजों को रखने के लिए कर रहा है। प्रबंधन की मानें तो मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए इसका उपयोग किया जा रहा है।

जिले में प्रभावित कोविड मरीज

जिले में कोरोना की पहली-दूसरी और तीसरी लहर में कुल 33031 कोरोना संक्रमित हुए थे जिनमें से 326553 स्वस्थ हुए जबकि 377 ने अपनी जान गंवाई है। वर्तमान में जिले में एक सक्रिय मरीज सामने आया है जो रायपुर एम्स में भर्ती है। हालांकि मरीज में कोई लक्षण नहीं है। जिले में कोविड मरीजों के लिए कुल 621 बेड उपलब्ध है। इसमें 15 निजी हास्पिटल शामिल है।

मरीज न होने की स्थिति में किया जा रहा उपयोग

संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ संतोष सोनकर ने बताया कि जिले में कोविड का एक भी मरीज न होने और अस्पताल में अन्य मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वार्ड का उपयोग शुरु किया गया है। भविष्य में मरीज मिलने पर वार्ड खाली कर दिया जाएगा।