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मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व बाहर के लोगों को छोड़ना होगा मरवाही, कार्यकर्ताओं और प्रचारकों को भी विधानसभा क्षेत्र छोड़ने के निर्देश

मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व  बाहर के लोगों को छोड़ना होगा मरवाही,  कार्यकर्ताओं और प्रचारकों को भी विधानसभा क्षेत्र छोड़ने के निर्देश

मरवाही में मतदान पूर्व राजनीतिक दलों की बैठक संपन्न 

रायपुर।  मरवाही उप निर्वाचन  के लिए  3 नवंबर को मतदान होगा। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व  प्रचार का काम थम जाएगा। प्रचार का समय समाप्त होने के बाद जिले से बाहर के आए हुए लोगों को जिला छोड़कर जाना होगा।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  डोमसिंह ने आज  राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने बताया कि मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व प्रचार का काम थम जाएगा  इसके बाद सभा, समारोह में प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। साथ ही साथ जिले से बाहर के आए हुए कार्यकर्ता और प्रचारकों को जिला छोड़कर जाना होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 तारीख शाम 6 बजे बाद किसी भी प्रकार के सभा, जुलुस, रैली इत्यादि की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 3 तारीख को मतदान के दिन, एक अभ्यर्थी, एक मतदान एजेंट और पार्टी के लिए एक वाहन की अनुमति होगी। लेकिन इन्हें किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार संबंधी कार्यों के लिए अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मास्क, थर्मल स्केनर इत्यादि की व्यवस्था के लिए एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भी मतदान  केन्द्रों में ड्यूटी लगाई जाएगी। मतदान वाले दिन मतदान केन्द्र के 200 मीटर के अंदर कोई भी व्यक्ति प्रचार वाले मास्क, नेता के फोटो वाले मास्क इत्यादि के साथ प्रवेश नहीं करेगा। 

मरवाही विधानसभा उपनिर्वाचन को देखते हुए 126 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किए गए हैं। साथ ही आवश्यकतानुसार माइक्रोआब्जर्वर, वेबकास्टिंग, डिजिटल कैमरा इत्यादि की भी  व्यवस्था की जाएगी। 

बैठक में बताया गया कि यदि किसी मतदान अभिकर्ता का तापमान थर्मल स्कैनर से जांच करने पर ज्यादा पाया जाता है ,तो उन्हें मतदान केन्द्रों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही मतदान केन्द्रों में किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक उपकरण लाने की अनुमति नहीं होगी। मतदान दिवस के दिन सभी मतदान अभिकर्ता अपनी पहचान के लिए फोटो युक्त आईडी अपने पास जरूर रखेंगे ताकि आवश्यकता पड़ने पर पीठासीन या सेक्टर अधिकारी देख सके। इसके साथ ही बताया गया कि पोलिंग एजेंट यदि किसी भी मामले में कोई आपत्ति करता है तो पीठासीन द्वारा उसका निराकरण किया जाएगा, और हम संदर्भ में पीठसीन अधिकारी का निर्णय ही अंतिम होगा।