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सांसदों का अपमान कर रही है भूपेश बघेल सरकार..बैठक में शामिल होने से जानबूझकर दूर किया जा रहा..डीएमएफ और सड़क सुरक्षा समिति से भी दूर रखा गया..सांसद सुनील सोनी का गंभीर आरोप

सांसदों का अपमान कर रही है भूपेश बघेल सरकार..बैठक में शामिल होने से जानबूझकर दूर किया जा रहा..डीएमएफ और सड़क सुरक्षा समिति से भी दूर रखा गया..सांसद सुनील सोनी का गंभीर आरोप

रायपुर. लोकसभा सांसद सुनील कुमार सोनी ने प्रदेष सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियों को बैठक में जानबूझकर नहीं बुलाने और बैठक से वंचित किये जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा निर्वाचित भाजपा सांसद और भाजपा विधायकों को बैठकों से दूर रखने की मंषा संदेहास्पद है।
    

श्री सोनी ने आज डीएमएफ रायपुर की बैठक की लिखित सूचना नहीं दिये जाने के संबंध में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि इस संबंध में लोकसभा और राज्यसभा में यह पारित किया जा चुका है और राजपत्र में प्रकाशित है। राज्य सरकार द्वारा विगत 2 वर्षों से जानबूझकर छत्तीसगढ़ में सांसदों को डीएमफ की बैठक से वंचित रखा गया है, यह पूरी तरह केन्द्र सरकार की अवहेलना है, जिसे कतई बर्दाष्त नहीं किया जावेगा और इस संबंध में उचित कदम उठाया जावेगा।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा जानबूझकर जनप्रतिनिधियों को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पूर्व में मेरे द्वारा 4 वार्षिक बैठकों में से समिति की 2 बैठकें ली जा चुकी हैं। दिनांक 19.12.19 को राजपत्र में प्रकाषित होने के आधार पर ही दिनांक 20.01.20 को राज्य शासन ने भी आदेष जारी किया था कि सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सांसद हैं तथा विधायक व अन्य विषेषज्ञ भी इस समिति में है। लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा पारित विधेयक/नियमों का पालन नहीं किया जाना दुर्भाग्यजनक है। दिनांक 21.12.20 को पुनः राज्य सरकार ने अपने ही आदेष को परिवर्तित कर, केन्द्र सरकार के विरूद्ध कलेक्टर को सड़क सुरक्षा समिति में अध्यक्ष नामांकित कर दिया है।

इसी प्रकार विगत दिनों स्वषासी चिकित्सा महाविद्यालय की बैठक में राजधानी के वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को भी दुर्भावनापूर्वक बैठक में नहीं बुलाया गया था। सांसद श्री सोनी ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार लगातार केन्द्र सरकार और कानून की अवहेलना कर रही है और तो और केन्द्र सरकार के खिलाफ दूर्भावना से ग्रसित होकर नियम विरूद्ध कार्य कर रही है। संघीय प्रणाली में राज्य सरकार का इस प्रकार का रवैया पूर्णतः अनुचित और निंदनीय है। केन्द्र सरकार और लोकसभा/राज्यसभा के निर्णय का परिपालन करना राज्य सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार का दोहरा मापदंड अषोभनीय भी है, कांग्रेस की इस मानसिकता के चलते छत्तीसगढ़ प्रदेष केन्द्र के लाभ से वंचित हो रहा है। हम राज्य सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हैं और शीघ्र ही इन विषयों को केन्द्र सरकार के संज्ञान में लायेंगे।