breaking news New

बढ़ रहे मलेरिया के मरीज, इस साल अब तक 69 केस

बढ़ रहे मलेरिया के मरीज, इस साल अब तक 69 केस

अगस्त महीने में ही पाए गए थे 12 केस

महासमुंद । लगातार बारिश के बाद अनेक स्थानों में पानी जमा हो जाने के कारण उसमें मच्छरों का लार्वा पलता है परिणामस्वरूप मच्छरों की तादाद एकाएक बढऩे से इसका स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और मलेरिया जैसी बीमारी से लोग पीडि़त होते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में जनवरी से अब तक मलेरिया के 69 केस पाए गए हैं इसमें से अगस्त माह में 12 केस अब तक मिल चुके हैं।

बारिश के दिनों में मौसमी बीमारी (सीमनल प्लू और बैक्टीरिया) आम बात है। लगातार हो रही रूक-रूक कर बारिश से सर्दी खांसी व बुखार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन दिनों जिला अस्पताल फीवर क्लीनिक सहित निजी अस्पतालों में इस प्रकार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है जिसके साथ ही जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है लगातार बारिश से घरों और आसपास के इलाकों में पानी जमा होने से मच्छर के लार्वा पैदा होते हैं जिससेमच्छरों की तादाद बढ़ती है और मलेरिया डेंगू जैसी बीमारियां बढ़ती है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिले में अब तक  कोई भी डेंगू के मरीज सामने नहीं आया है पर जिले में जनवरी 2021 के लेकर अगस्त माह तक 69 केस मलेरिया के सामने आए हैं इन आठ महीनों में केवल 12 केस माह अगस्त में ही सामने आया है।

जिले के बारह गांव चिन्हांकित

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के दो उपस्वास्थ्य  केद्रों (लोहारडीह उपस्वास्थ्य केंद्र और हाथीबाहरा उपस्वास्थ्य केंद्र) के 12 गांव, लोहराडीह, घोंघीबाहरा, परसापाली बनसिवनी, बंजारी, पेंड्राडीह, हाथीबाहरा, गुढिय़ापानी, मातेराबाहरा को मलेरिया प्रभावित क्षेत्र है। जिन्हें चिन्हांकित  कर वहां दवा का छिड़काव सहित 34 स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा क्षेत्र के लोगों को सावधानी  बरतने के साथ-साथ कूलर या खुले में अव्यवस्थित तरीके से रखी सामग्री जिनमें बारिश का पानी जमा हो रहा हो उसे हटाने व सोते समय मच्छरदानी के उपयोग की सलाह दी है।

गत वर्ष बागबाहरा सबसे अधिक प्रभावित

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष कुल 126 मरीज मलेरिया से पीडि़त रहे सबसे अधिक बागबाहरा ब्लॉक में 34 मरीज में चिन्हांकित हुए वहीं महासमुंद में 35, पिथौरा में 25, सराईपाली में 18 और बसना में 10 मरीज पाए गए थे। 2021 माह अगस्त तक पिथौरा में सबसे अधिक 20, महासमुंद में 19 बागबाहरा में 15, बसना में 6 और सरायपाली में 6 मरीज चिन्हांकित हुए है।

वसर्न

जिले में मलेरिया बीमारी के नियंत्रण के लिए आवश्यक तैयारी है। 12  गांवों में जून माह में ही डीडीटी का छिड़काव किया गया है। उपस्वास्थ्य केंद्र में सभी मितानिनों के पास मलेरियारोधी दवा पर्याप्त मात्रा में उलब्ध कराई  गई है साथ जिला अस्पताल सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उपस्वास्थ्य केंद्र और सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में दवाई उपलब्ध है जितने भी मलेरिया पीडि़त पाए गए हैं वे सभी स्वस्थ हो चुके हैं।

डॉ व्हीके सिंह

जिला मलेरिया अधिकारी

ब्लॉक वार स्थिति

2020 2021(अगस्त तक) केवल अगस्त 2021

महासमुंद 35 19 03

बागबाहरा 38 15 00

बसना 10 09 03

पिथौरा 25 20 04

सरायपाली 18 06 02

कुल 126 69 12 

००००००००