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रेत माफियाओं, खनिज अधिकारी की मिलीभगत से सरकार की छवि हो रही धूमिल - विपिन साहू

रेत माफियाओं, खनिज अधिकारी की मिलीभगत से सरकार की छवि हो रही धूमिल - विपिन साहू

धमतरी, 24 जून। पिछले 15 दिनों मे छग प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढिय़ा स्वाभिमान के खातिर राज्य के विकास के लिए लगभग 7084 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यो का शिलान्यास और लोकार्पण विडियो कंफ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल किया। एक संवेदनहीन सरकार के 15 साल के अत्याचार के बाद प्रदेश मे जब से कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार बनी है तभी से प्रदेश की जनता के लिए सरकार पूरी तत्परता के साथ योजना बद्ध तरीको से समाज के हर वर्ग मजदूर किसान महिला युवा सभी के जीवन को खुशमय और आत्म निर्भरता से भरने हेतु अग्रसर है। सरकार की कथनी और करनी मे कोई फर्क नही दिखता छत्तीसगढ़ जैसे पिछड़े राज्य को प्रथम विकास शील राज्य बनाने की दिशा मे अग्रसर है 24 घण्टे मे 18 घण्टे प्रदेश की जनता के हित मे उनके उन्यन उनके विकास हेतु पूरी निष्पक्षता और निष्ठा के साथ सेवा देने वाले प्रथम मुख्यमंत्री है। उक्त बातें कांग्रेस नेता विपिन साहू ने विज्ञप्ति के माध्यम से कही।

पूर्व मण्डी अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता श्री साहू ने आगे कहा कि ऐसे समय मे मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ सरकार को बदनाम करने को आतुर कुछ तथाकथित सत्ता पक्ष के नेता और विपक्ष मे शीर्ष पदों पर बैठे कुछ नेता व नेत्री रेत माफियाओं से हिस्सेदारी कर धमतरी जिले मे स्थित महानदी के सीने को चीरकर निर्धारित सीमाओ को लांघ कर अवैध रेत खनन को बखूबी अंजाम दिया जा रहा है।  ठेकेदार बिना पिटपास अवैध रूप से पिछले 2 वर्षो से परिवहन जारी है। धमतरी जिले के जनप्रतिनिधि जो जनता की सेवा हेतु जनता द्वारा ही चुने गए वे अपनी आँखों मे काली पट्टी लगाकर लगातार ठेकेदारो को अवैध रेत खनन करने मे मदद कर रहे है। वर्तमान मे धमतरी जिले मे 32 खदानो की स्वीकृति है जिसमे 28 खदान संचालित है 4 खदानो को पर्यावरण स्वीकृति नही मिली है। लगभग सभी संचालित खदानो को 5 हेक्टेयर की स्वीकृति मिली है। धमतरी विधानसभा के अंतर्गत अमेठी, परसूली, खरेंगा, जवरगांव, लिलर, अरौद, भरारी को क्रमश: 75000 घन मी. एवं भरारी रेत खदान को 56000 घन मी. प्रति वर्ष रेत खनन की स्वीकृति मिली है। ठेकेदारो को 23 मार्च 2020 को पर्यावरण की स्वीकृति मिलने के उपरांत खनिज विभाग की सहमति से बिना सीमांकन करवाये आज दिनांक तक संचालित है। मै जवाबदारी से कह रहा हूँ आज तक धमतरी विधानसभा के अंतर्गत संचालित खदानों का सीमांकन नही हुआ है। 

अवैध उत्खनन के चलते लगभग 40 से 50 फीट गहरा खुदाई हो चुका है और लम्बाई और चौडाई तो असीमित है।  छग सरकार द्वारा रेत खनन संचालन हेतु नीलामी पद्धति टेंडर अपनाई गयी थी जिसमे सरकार द्वारा निर्धारित दर 112 रू प्रति घन था। लेकिन ठेकेदारो द्वारा 50 प्रतिशत कम रेट पर टेंडर भरा गया जिसकी स्वीकृति जिला प्रशासन द्वारा किया गया जिसके अनुसार 56 रू प्रति घन मीटर के दर से रेत की लोडिंग ठेकेदार द्वारा किया जाना है एवं 50 रू प्रति घन मीटर रायल्टी निर्धारित मूल्य है। साथ जीएसटी एवं अन्य मदो को मिलाकर कुल 1200 रू प्रति हाइवा 10 घन मीटर मूल्य है। लेकिन वर्तमान समय मे प्रति हाइवा को लोडिंग करने मे 9000 रू व रायल्टी का 3000 रू प्रति घन मीटर मे लिया जा रहा है। कुल मिलाकर ठेकेदारो द्वारा खनिज अधिकारी से मिलीभगत कर जनता को लूटा जा रहा है। धमतरी जिले मे 61 अस्थायी रेत भंडारण की स्वीकृति दी गई है। जिला खनिज विभाग द्वारा मोटी रकम लेकर सरकारी जमीनो के साथ नियम कानून को तोड़कर स्वीकृति प्रदान की गयी है जिसकी पूरी निष्पक्षता और निष्ठा के साथ जाँच होनी चाहिए। शासन द्वारा तमाम रेत खदानो को 15 जून से 15 अक्टुबर तक बंद करने के आदेश को दरकिनार करते हुए विभागीय संरक्षण द्वारा संचालित खदानो के साथ बगैर स्वीकृति खदानो मे भी रात के अंधेरे के साथ दिन के उजाले मे भी बिना किसी खौफ के धड़ल्ले के साथ अवैध रेत खनन को अंजाम दिया जा रहा है। 

पिछले वर्ष ठेकेदारो के गुर्गो द्वारा जिला पंचायत के सदस्यों और ग्रामवासियो के साथ मार पीट की गई थी। फिर भी जिले के जनप्रतिनिधि खामोश नजऱ आये। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि के संरक्षण के कारण ठेकेदारो के हौसले बुलंद और अपनी जेब भरने निर्दोष ग्रामीण जनता पर भी अपनी ताकत आजमाने से बाज नही आ रहे है। बीते 21 जून की रात्रि भरारी रेत खदान मे प्रतिबंधित अवधि मे मशीनों के द्वारा रेत खनन तो चल ही रहा था और साथ ही साथ पर्यावरण की भी धजिय्या उड़ाई जा रही थी ठेकेदारो के गुर्गो  द्वारा वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवम ग्रामीण वासियो के साथ मार पीट की क्योंकि गुर्गो द्वारा प्रकृति को नष्ट किया जा रहा था। 40 हरे भरे पौधों को जड़ से नष्ट किया जा रहा था जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया ताकि पर्यावरण को संरक्षित और सुरक्षित रखा जा सके परंतु ठेकेदारो के गुर्गो द्वारा इस पर्यावरण को हानि पहुचाई गई जिसका ग्रामीणों द्वारा विरोध किये जाने पर पुलिस प्रशासन के सामने उन्हे मारा पीटा गया जिसका मै विरोध करता हूँ और जिला प्रशासन से मै यह अपील करता हूँ की भरारी रेत खदान के ठेकेदार का पट्टा को निरस्त कर साथ ही उन्हे और उनके गुर्गो पर समुचित कार्य वाही की जाए। साथ ही मै धमतरी विधान सभा के ग्रामीण भाईयो से अपील करता हूँ की दलगत राजनीति को भूल एक जुटता दिखाते हुए इन बड़े बड़े ठेकेदारो और उनके पालन पोषण मे पलने वाले उनके गुर्गो के खिलाफ और अवैध खनन के खिलाफ जिसके कारण महानदी की विश्वनीयता घटती जा रही है आने वाली पीढी जब हमसे यह प्रश्न करेगी आप लोगो ने इस पवित्र नदी के संरक्षण हेतु क्या किया तो हमारे पास कोई जवाब नही होगा इसलिए पुन: मैं ग्रामीण भाईयो से निवेदन करता हूँ इन ठेकेदारों को हम अपनी प्रकृति को यूँ नष्ट नहीं करने देंगे।