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राम चंद्र प्रसाद सिंह ने लोगों के जीवन से जुड़े प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला

राम चंद्र प्रसाद सिंह ने लोगों के जीवन से जुड़े प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला

नई दिल्ली । इस्पात मंत्री राम चंद्र प्रसाद सिंह ने कल राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी नागपुर का दौरा किया। अकादमी में प्रधान महानिदेशक (प्रशिक्षण) रूबी श्रीवास्तव तथा अकादमी के अन्य संकाय सदस्यों ने इस्पात मंत्री का स्वागत किया। रविवार 31 अक्टूबर 2021 को इस्पात मंत्री ने एनएडीटी का दौरा किया, जहां उन्हें परिसर में स्थित प्रशासनिक भवन के अभिलेखागार अनुभाग में ले जाया गया। 

अभिलेखागार में आयकर विभाग में प्रशिक्षण का इतिहास संकलित है और इसे प्रदर्शित किया जाता है। बाद में उन्हें अकादमी परिसर के भ्रमण पर भी ले जाया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने संकाय सदस्यों को संबोधित किया और अपने ज्ञानवर्धक विचारों को उनसे साझा किया। 

इस्पात मंत्री ने शुरुआत में एनएडीटी टीम को इसके बुनियादी ढांचे के विकास और एनएडीटी द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण वातावरण पर इसके प्रभाव के लिए बधाई दी। सिंह ने प्रशिक्षुओं और जीवन से जुड़े सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करने के संबंध में प्रशिक्षण परिप्रेक्ष्य के बारे में भी संक्षेप में बात की; इनमें मनोवृत्ति प्रशिक्षण; संवादात्मक प्रशिक्षण और कानून की नवीनतम स्थिति साझा करना शामिल है। उन्होंने प्रेरक के रूप में प्रशिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया, जो शारीरिक एवं मानसिक विकास सुनिश्चित करेंगे। 

सिंह 1984 बैच के यूपी कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, उन्होंने विभिन्न विभागों और कार्यक्षेत्रों में 25 वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। सिंह ने राज्य और केंद्र में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है। वह लगातार चार वर्षों तक उत्तर प्रदेश के रामपुर, बाराबंकी, हमीरपुर और फतेहपुर के जिला मजिस्ट्रेट, यूपी हैंडलूम कॉरपोरेशन में महाप्रबंधक और उत्तर प्रदेश ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर वर्ष 2001 से 2005 तक सेवारत थे।

यूपी कैडर में आईएएस में शामिल होने से पहले सिंह को भारतीय राजस्व सेवा में नियुक्त किया गया था और उन्होंने भारतीय राजस्व सेवा के 1982 बैच के साथ राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी नागपुर में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। 2010 में आईएएस से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वह सक्रिय राजनीति में शामिल हो गए और जून 2010 में राज्यसभा के लिए चुने गए। तब से, सिंह ने संसद की प्रतिष्ठित समितियों के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण और शासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

उन्होंने रेलवे, डीओपीटी और गृह विभाग में स्थायी समितियों तथा विदेश एवं गृह विभाग की सलाहकार समितियों के सदस्य के रूप में कार्य किया। सितंबर 2018 से मई 2019 तक सिंह ने उद्योग समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।