breaking news New

कोरोना के कहर से छत्तीसगढ़ के कई शहरों में भयावह स्थिति, श्मशान में भी अन्त्येष्टि के लिए कतारे

 कोरोना के कहर से छत्तीसगढ़ के कई शहरों में भयावह स्थिति, श्मशान में भी अन्त्येष्टि के लिए कतारे

रायपुर।  कोरोना संक्रमण के कहर से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई शहरों में बहुत भयावह स्थिति है।अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की जहां जगह नही है,वहीं श्मशान में भी अन्त्येष्टि के लिए कतारे लग रही है।

राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे है। राज्य में गत 31 मार्च को 24 घंटे में 4563 नए संक्रमित मरीज मिले थे और 28 मौते हुई थी,महज 11 दिनों में कल नए संक्रमित मरीजों संख्या तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 24 घंटे में 14098 दर्ज की गई।इसके साथ ही इस अवधि में तीन गुना से अधिक 97 मौते दर्ज की गई। 31 मार्च को राज्य से सक्रिय मरीजो की संख्या 25529 थी जोकि कल तक बढ़कर 85860 पर पहुंच गई।

राजधानी रायपुर के हालात सबसे बुरे है।यहां नए संक्रमित मरीज भी तेजी से बढ़ रहे है और मौते भी सबसे अधिक हो रही है।एम्स और मेडिकल कालेज अस्पताल सहित सरकारी अस्पतालों में मरीजो के भर्ती करने के लिए बेड खाली मिलना मुश्किल हो गया है।निजी अस्पताल भी मरीजों से भरे पड़े है। आक्सीजन युक्त बेड और वेन्टीलेटर की भारी कमी है।सरकारी दावों के विपरीत मरीजो के परिजन खाली बेड के लिए एक से दूसरे अस्पताल चक्कर लगाने को विवश है।

राज्य में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की भी भारी कमी है।इसकी कमी की तरफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी केन्द्र सरकार एवं प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट कर चुके है।मांग की अपेक्षा कम इंजेक्शन की आपूर्ति के कारण इसकी कालाबाजारी होने की खबरें आम हो गई है।राजधानी में बेड़ और दवाओं की कमी नही बल्कि बढ़ती मौतों से श्मशान में भी जगह कम पड़ने लगी है। 31 मार्च तक जहां अधिकतम 30-35 शव आते थे अब इनकी बढ़कर संख्या 60-70 तक पहुंच गई है।लिहाजा आठ से 10 घंटे बाद शव जलाने की बारी आ रही है। राजधानी में और श्मशान स्थलों की जरूरत महसूस हो रही है।

कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए रायपुर जिले में 09 अप्रैल की शाम से पूर्ण सख्त लाकडाउन चल रहा है।पिछली बार लाकडाउन में पुलिस को आवाजाही रोकने में मशक्कत करना पड़ती थी लेकिन इस बार भय का आलम यह हैं कि लोग खुद घरों में दुबक गए है।सड़कों पर सरकारी वाहनों के सिवा केवल एम्बूलेंस या फिर शव वाहन ही नजर आ रहे है।कमोवेश यहीं स्थिति पड़ोसी जिले एवं शहर दुर्ग एवं भिलाई की भी है।
रायपुर के बाद सबसे ज्यादा नए मरीज और मौते दुर्ग जिले में हुई है।वहां गत 06 अप्रैल से ही पूर्ण लाकडाउन चल रहा है फिर भी नए मरीजो और मौतों की संख्या में अपेक्षित कमी नही देखी गई है।यहां 14 अप्रैल तक पूर्ण लाकडाउन है जिसके आगे बढ़ाए जाने के पूरे आसार है।महाराष्ट्र की सीमा से सटे तीसरे सबसे प्रभावित जिले राजनांदगांव में भी कल से पूर्ण लाकडाउऩ लागू है।यहां के प्रसिद्द मां बम्लेश्वरी के डोगरगढ़ मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।इस बार यहां नवरात्रि मेले की अनुमति नही दी गई है।
राज्य की न्यायधानी बिलासपुर का भी बुरा हाल है।यहां पर भी रिकार्ड नए मरीज मिल रहे है।इस संभाग के औद्योगिक जिले कोरबा,जांजगीर एवं रायगढ़ में भी बुरी स्थिति है।सरगुजा संभाग के सरगुजा,सूरजपुर,कोरिया एवं जशपुर में तथा बस्तर संभाग के कांकेर एवं बस्तर जिलों में भी हालत खराब है।
इस समय राजधानी रायपुर के अलावा दुर्ग,राजनांदगांव,बालोद,बेमेतरा जिले में पूर्ण लाकडाउऩ चल रहा है। जशपुर एवं कोरिया जिले में आज शाम से पूर्ण लाकडाउऩ शुरू होगा,जबकि धमतरी जिले के कलेक्टर ने 11 अप्रैल की मध्य रात्रि से 26 अप्रैल की मध्य रात्रि तक 15 दिनों के लाकडाउऩ का ऐलान किया है।रायगढ़ के कलेक्टर ने भी 14 अप्रैल की सुबह छह बजे से 22 अप्रैल की मध्य रात्रि तक के लाकडाउऩ का ऐलान किया है।कोरबा के कलेक्टर ने भी 12 अप्रैल दोपहर तीन बजे से पूर्ण डाउऩ का ऐलान कर दिया है। राज्य के कुछ और जिलों में पूर्ण लाकडाउन लगने के आसार नजर आ रहे है।