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करोड़ों का फर्जीवाड़ा , आखिर जिम्मेदार कौन...? -- अधिवक्ता शत्रुहन साहू

करोड़ों का फर्जीवाड़ा ,  आखिर जिम्मेदार कौन...? -- अधिवक्ता शत्रुहन साहू

धमतरी, 20 जून।  समाजसेवी व अधिवक्ता शत्रुहन साहू कानूनी सलाहकार किसान मोर्चा ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि धमतरी  जिला के मतस्य विभाग में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को दी जाने वाली अनुदान में हुए करोड़ो रूपए   की गड़बड़ी  की शिकायत धरम सिंह साहू एक समाजसेवी द्वारा दिनांक 23-07-2021 को  कलेक्टर धमतरी से किया था, जिसकी संयुक्त कलेक्टर श्री कुर्रे साहब के द्वारा जांच कर जांच प्रतिवेदन दिनांक 7-11-2020 को श्रीमान धमतरी कलेक्टर महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, जांच रिपोर्ट में शिकायत की पुष्टि करते हुए मत्स्य विभाग में आर्थिक गड़बड़ी होना पाई गई है मत्स्य विभाग में आर्थिक गड़बड़ियों की पुष्टि होने की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत हुए 7 माह से भी अधिक हो गए हैं उसके बाद भी आरोपी गण के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही होते नहीं दिख रहा है , जांच पश्चात कार्यवाही का ढिंढोरा पिटने वाले शासन - प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है ।ऐसे में अब सवाल जिला के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी - कर्मचारी पर उठाए या चुने हुए जन प्रतिनिधियों पर या फिर उस भ्रष्टाचार में लिप्त मतस्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों पर... आखिर जिम्मेदार कौन हैं ?

अधिवक्ता श्री शत्रुहन साहू ने आगे कहा कि धमतरी जिला में यह पहला मामला नहीं है जिसमें भ्रष्टाचार के विरुद्ध किए गए शिकायतों पर जांच के बहाने सिर्फ लीपापोती की गई है अनेकों मामले अभी लंबित पड़े हैं जिस पर सिर्फ जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही  है चाहे फिर वह कोरोना काल में धमतरी स्वास्थ्य विभाग मे खरीदी के नाम पर 3 करोड के घोटाले का मामला हो या फिर मत्स्य विभाग में अनुदान की राशि में करोड़ो रुपए गबन करने का मामला अथवा खनिज विभाग में रेत की अवैध परिवहन और कालाबाजारी करने का मामला , भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी आज भी अंगद की तरह अपने पांव जमा कर बैठे हैं उल्टा आलम यह है कि भ्रष्टाचारियों की पोल खोलने वाले लोगों के ऊपर ही फर्जी प्रकरण बनाकर उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास किया जाता रहा है वर्तमान में मत्स्य विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग में हुए करोड़ों के फर्जीवाड़ा का मामला उठा पर उसका भी नतीजा सामने नहीं आ सका। राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ ही लोगों में आस जगी थी कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंसी की बात करने आदरणीय भूपेश बघेल की सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत कदम उठाएंगे और भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेज देंगे किंतु वह भी ढांक के तीन पात ही निकले।