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विधायक-पुत्र और डॉक्टर्स के बीच होटल में जमकर चले लात-घूंसे, पीएसओ भी पिटे, मामला थाना पहुंचा लेकिन रिपोर्ट दर्ज नही, कुछ डॉक्टर थाने में बिठाए गए

विधायक-पुत्र और डॉक्टर्स के बीच होटल में जमकर चले लात-घूंसे, पीएसओ भी पिटे, मामला थाना पहुंचा लेकिन रिपोर्ट दर्ज नही, कुछ डॉक्टर थाने में बिठाए गए

रायगढ़. शहर में स्थित एक महंगे होटल में विधायक पुत्र और डॉक्टर्स के बीच जमकर विवाद हुआ. बात इतनी बढ़ी कि मारपीट और लात घूंसे चले. विधायक के पीएसओ मामले को सुलझाने पहुंचे तो वे भी पिट गए. दोनों पक्ष थाना भी पहुंचे लेकिन रिपोर्ट नही लिखी गई है. हालांकि कुछ डॉक्टर थाने में बिठाए गए जिन्हें छोड़ने को लेकर हंगामा होता रहा.

घटना के चश्मदीद के मुताबिक रायगढ़ के होटल ट्रिनिटी में विधायक पुत्र और उनके दोस्तों की डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों से मारपीट हो गई. दोनों पक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन कोतवाली थाने में अब मामले में अपराध दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार अभी तक थाने में किसी पक्ष से शिकायत नहीं आई है।

जो जानकारी सामने आ रही उसके अनुसार कल शाम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टर्स की बैठक ट्रिनिटी में रखी गई थी। उसमें आईएमए अध्यक्ष वाईके शिंदे अपने बेटे अखिलेश शिंदे के साथ गए थे। दूसरी तरफ विधायक प्रकाश नायक के पुत्र ऋतिक नायक अपने दोस्तों के साथ खाना खाने के लिए ट्रिनिटी आए थे। दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया तो अखिलेश शिंदे, उसके दोस्त डॉक्टर और दूसरे पक्ष के ऋतिक व उसे दोस्त शुभम शर्मा के बीच मारपीट शुरू हो गई।

मारपीट में घायल होने के बाद शुभम भागता हुआ विधायक निवास पहुंचा। इस दौरान ऋतिक हॉटल में ही मौजूद रहा। मारपीट की जानकारी मिलने पर विधायक के दो पीएसओ होटल में आए तो उनके बीच फिर झड़प शुरू हो गई। दोनों पक्षों से लोग घायल हुए। दोनों पक्ष थाने भी गए। अस्पताल में एमएलसी भी कराई गई, लेकिन मामला दर्ज किसी पर नहीं हुआ, क्योंकि किसी ने भी घटना के 24 घंटों बाद तक मामले में एफआईआर कराना जरूरी नहीं समझा।

आईएमए अध्यक्ष वाई के शिंदे के अनुसार घटना के बाद उन्हें मारपीट का दोषी बताकर होटल में डॉक्टरों को बंदी बना लिया था। दरवाजे बंद कर डॉक्टरों को जाने नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद डॉक्टर राहत शर्मा और दिनेश पटेल को भी थाने में जबरन बैठाकर रखा गया। मामले में वे सोमवार को एसोसिएशन की तरफ से इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

दूसरी तरफ शुभम को गंभीर चोंटें आई है। घटना के बाद इसे  कोतवाली पुलिस ने एमएलसी कराने  मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। चोट गंभीर थी  इसलिए उसे वहां एडमिट भी किया गया, लेकिन जब झगड़ा डॉक्टरों से हो तो वहां रहकर इलाज कराना उसने मुनासिब नहीं समझा और वह डॉक्टर रूपेंद्र पटेल के अस्पताल में भर्ती हो गया.

इस पूरे घटनाक्रम शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर वाई.के. शिंदे काफी आहत हैं। उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया है कि मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से बैठक का आयोजन किया गया था। मुझे जो सूचना मिली, उसके अनुसार मेरे बेटों पर लड़के शराब फेंक रहे थे। इसी दौरान वह लड़का स्वयं से कांच पर जा गिरा। डॉक्टरों को होटल में बंद करवा दिया गया था। इसी तरह थाने में भी कुछ डॉक्टर दिनेश पटेल और राहत शर्मा को जबरन बिठाकर रखा गया। देर रात तक नौटंकी चली। अब मेरे ही बेटे को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है।

शहर के विधायक प्रकाश नायक ने यह कहा है कि मेरे पीएसओ के पास बच्चा खून में लथपथ होकर आया था। इसपर पीएसओ दुर्गेश यादव और अभिषेक यादव होटल देखने गए थे। मामले में पूछताछ की तो वहां उपस्थित अज्ञात युवकों ने पीएसओ पर अटैक कर दिया। इसकी सूचना हमारे पीएसओ ने थाने में दर्ज भी कराई है। बच्चा घायल है। काफी ब्लीडिंग हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.