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ऋतुराज बसंत के आगमन पर विद्या की देवी माँ सरस्वती की जगह - जगह श्रद्धापूर्वक हुई आराधना

ऋतुराज बसंत के आगमन पर विद्या की देवी माँ सरस्वती की जगह - जगह श्रद्धापूर्वक हुई आराधना

वैदिक परंपरा अनुसार छोटे बच्चों का हुआ विद्या आरंभ संस्कार

गीदम, 17 फरवरी। ऋतुराज बसंत के आगमन व बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में नगर में माँ शारदा देवी की पूजा अर्चना बड़े धूमधाम से की गयीं। नगर के सभी शिक्षण संस्थाओं में सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया। सुबह से ही छोटे बड़े सभी लोग इस उमंग के माहौल में रंग बिरंगे कपड़े पहनकर स्कूल की ओर जा रहे थे। इनके उमंग से ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे ऋतुराज अपने पूरे शबाब पर है।सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय गीदम में भी विद्या की देवी माँ सरस्वती का पूजन उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। 

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में ही कार्यक्रम आयोजित किया गया। सबसे पहले विधिविधान से पूजा अर्चना कर मां से विद्या , बुद्धि और ज्ञान प्राप्त करने के लिये प्रार्थना की गयी। व हवन यज्ञ कर आहूति डाली गयी। कार्यक्रम में शामिल हुये बच्चों ने भजन गा कर माहौल को भक्ति मय बना दिया। विद्यार्थियों ने माता को कॉपी, पुस्तक, पेन और पीले वस्त्र अर्पित कर माता से आशीर्वाद मांगा। बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर कई अभिभावक अपने छोटे बच्चों के साथ विद्यालय पहुँचे थे,जहां सरस्वती मां के पूजन के बाद विद्यालय के प्राचार्य विजय दुबे जी ने स्लेट और कॉपी में ओम लिखवा कर विद्यारंभ कराया गया।


इस अवसर पर विद्यालय में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। भैया/बहनों ने कार्यक्रम में उपस्थित माता-पिता को तिलक लगाकर पूजा अर्चना की व उनका मुँह मीठा करवाया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य विजय दुबे ने भैया/बहनों को माता-पिता का महत्व समझाते बताया कि माता - पिता ही हमारे जीवन के प्रथम गुरु होते है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक, माता बहने, बच्चों के अभिभावक विद्यालय के समस्त आचार्य दीदी व बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन में उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरण किया गया।