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सक्ती के महामाया ट्रैक्टर्स पर किसान ने लगाए फर्जीवाड़े के आरोप

सक्ती के महामाया ट्रैक्टर्स पर किसान ने  लगाए फर्जीवाड़े के आरोप

 मालखरौदा, 5 नवंबर। छ ग शासन की अधिसूचना क्र./861/V-14/A/2004/14-2 दिनांक 07/07/2004 के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य में फसलों का पैदावार बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को उचित मूल्य पर प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड का गठन कंपनी एक्ट 1956 के अंतर्गत किया गया था, जिसे लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के आदेश क्रमांक/2246/B-14/1/2001/14-2 दिनांक 27/07/2005 के माध्यम से पूर्ववर्ती मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं प्रक्षेत्र विकास निगम तथा एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड का समस्त प्रभार छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड रायपुर से वापस लेकर नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड को सौंपा गया । जिसमे 01/08/2005 से विधिवत कार्य करना शुरू कर दिया था । निगम के 5 प्रमुख उद्देश्यों में कृषि यांत्रिकी करण को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को उचित मूल्य पर कृषि उपकरण एवं यंत्र उपलब्ध कराना है।


किसानों को एमबी प्लाऊ, लेवलर सीड ड्रील, ट्रैक्टर, थ्रेसर, रीप पॉवर टिलर,रोटावेटर, विद्युत तथा डीजल पंप, स्प्रिंकलर एवं ड्रिप के लिए अनुदान दिया जाना है  इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड तेलीबांधा रायपुर को चैंपस का नोडल एजेंसी बनाया गया । हितग्राही किसानों को खास तौर पर बताया गया कि बिना ऑनलाइन आवेदन स्वीकृति के कोई भी यंत्र एडवांस में ना उठाए जाएं अन्यथा अनुदान स्वीकृत न होने की दशा में किसान स्वयं जिम्मेदार होंगे ।

शासकीय अनुदान के नाम पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के आला अधिकारियों द्वारा गबन के कई मामले अब तक सामने आ चुके हैं । वर्ष 2018 में  जाजगीर  जिले के हजारों किसानों को मिलने वाली सब्सिडी किसानों के खातों में कब आई और कब निकाल ली गई, इसकी किसानों को भनक तक नहीं लगी ।  हजारों किसानों के नाम पर कृषि यंत्रों का वितरण भी हो गया, लेकिन किसानों के हाथ खाली ही है  विधानसभा में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष तथा मौजूदा सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी एस सिंहदेव ने राज्य के तत्कालीन मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच तथा दोषियों पर तत्काल कार्यवाही करने की मांग की थी  वहीं जाजगीर जिले के  अधिक किसानों को केवल कागजों पर ही अनुदान दे दिया गया । पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन से इस बात का खुलासा हुआ कि कृषि विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी अनुदान राशि के वितरण में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के आला अधिकारियों, सामग्री प्रदायक एजेंसियों व संस्थाओं द्वारा किसानों के नाम पर करोड़ों रुपए निकाल लिए गए ।

  वही जांजगीर जिला के शिकायतकर्ता  सियाराम पिता झगरू राम  सोनवानी के द्वारा 14अक्टूबर  2020 को  लिखित  एवं ऑनलाइन शिकायत रविंद्र चौबे, कृषि मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम पर एक लिखित शिकायत की गई । इसमें उसके द्वारा कहा गया  है जॉन डियर ट्रैक्टर के डीलर मामा ट्रैक्टर शक्ति के द्वारा मुझे ट्रैक्टर क्रय करने के 13 माह पश्चात् ट्रैक्टर में अनुदान दिलाने की बात किया एवं मेरे पिताजी श्री गुरु राम सुनवानी पिता श्री दासी राम सोनवानी से अनुदान संबंधित सभी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करा कर दिया गया है तथा मुझे डीलर द्वारा बताया गया कि रुपए 70000 का अनुदान राशि आपके खाते में आएगी यह बात बताई गई जबकि शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान राशि ढाई लाख रुपए की है जिसे जान दिया ट्रैक्टर का डीलर महामाया ट्रैक्टर शक्ति द्वारा मात्र ₹70000 देने के बाद मुझे कह रहा है जबकि मेरे द्वारा  जिस ट्रैक्टर पर अनुदान देने की बात कहा जा रहा है मेरे द्वारा उस ट्रैक्टर का संपूर्ण राशि मैंने डीलर को भुगतान कर चुका अगर मेरे ट्रैक्टर पर अनुदान शासन द्वारा दिया जा रहा है तो मुझे अनुदान शासन से जो दिया जाता है उसकी पूरी राशि दिलाने की मांग की गई थी  किसान द्वारा बताया गया कि शासन से मिलने वाली अनुदान राशि मुझे प्राप्त नहीं हुई है और जॉन डियर ट्रैक्टर डीलर महामाया ट्रैक्टर   के द्वारा  मेरे पुराने  ट्रैक्टर के दस्तावेज  को पिताजी के नाम से  अनुदान दिलाने की बात करते हुए अनुदान संबंधित सभी दस्तावेजों में हस्ताक्षर करा कर ले जाया जा चुका है हस्ताक्षर पश्चात डीलर द्वारा मात्र ₹70000 ही देने की बात कही जा रही है अगर शासन द्वारा हमारे ट्रैक्टर पर अनुदान दिया गया है तो तत्काल मुझे शासन से मिलने वाली अनुदान राशि दिलाई जाए तथा फर्जी  करने वाले डीलर एवं अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की गई  ऐसा नहीं है कि यह कोई पहला मामला है जबकि कई अनुदान राशि में फर्जीवाड़े हो चुके हैं वही पूरे जिले में   कृषि यंत्रों ट्रैक्टर, पावर   ट्राली एवं शक्ति चलित यंत्रों की खरीदी पर केंद्र पोषित यंत्रीकरण सबमिशन योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले अनुदान में हुए व्यापक घोटाले की जांच की मांग की गई है । पूरा मामला छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के आला अधिकारियों तथा यंत्र प्रदायक एजेंसियों की आपसी सांठगांठ से जुड़ा हुआ है । शिकायत  करता ने आगे कहा गया है कि पहले से खरीदे जा चुके यंत्रों पर अपात्र किसानों को अनुदान दे दिया गया तथा फर्जी बिल लगा कर अनुचित लाभ उठाया गया । जांजगीर-चांपा जिले के मालखरोदा ब्लॉक के ग्राम सोना दुला के किसान घासीराम सोनवानी द्वारा 2 साल पहले वर्ष 2018 – 2019 में सक्ती के जॉन डियर ट्रैक्टर डीलर महामाया ट्रैक्टर से एल एंड टी फाइनेंस से एक ट्रैक्टर ( मॉडल न. जे डी 5045D, चेसिस न. 1 वी वाई 5045 डी जे जे ए 010955 ) फाइनेंस कराया गया था । छ ग राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के  अधिकारियों द्वारा इसी ट्रैक्टर को वर्ष 2020- 21 में झगरू दासिराम सोनवानी के नाम पर ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद 12/10/2020 को बीज एवं कृषि विकास निगम से कार्य स्वीकृति आदेश जारी किया गया जिस ट्रैक्टर को 2018 19 बेच दिया गया था उसी ट्रैक्टर्स को पुनः झगरू सोनवानी के नाम से तथा  बिल लगा कर अनुदान की राशि हथियाने   की कोशिश की  गई।  वही वर्ष 18 /19 में जिस व्यक्ति के नाम से ट्रैक्टर खरीदा गया था उस व्यक्ति के द्वारा अनुदान राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत कृषि मंत्री से की गई थी जिस पर कृषि संचालक रायपुर के द्वारा जांजगीर उपसंचालक पटेल को उक्त शिकायत की जांच करने के लिए निर्देशित किया गया था जिस पर पटेल द्वारा दिनांक 4 नवंबर बुधवार को ग्राम पंचायत सोना दुला पहुंच कर शिकायतकर्ता के समक्ष पहुंचकर मौके का पंचनामा दिया गया जिस पर मौका पंचानवे शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि  मुझे एवं मेरे पिताजी को  शासन से  मिलने वाली अनुदान राशि मात्र ₹125000 तुम्हें प्राप्त  होगा कह कर  डीलर  द्वारा जानकारी दी गई है और  मेरे द्वारा शिकायत करने के पश्चात दिनांक 3:11  दिन मंगलवार को  नया  जॉन डियर ट्रैक्टर यह कह कर दिया गया कि आप क्या हो जान की ढाई लाख राशि जो  मिल रही है उसके जगह मैं तुम्हें यह नया ट्रैक्टर का इंजन दे रहा हूं और बाकी की राशि आप मुझे दे देना  इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि डीलर के द्वारा कितना फर्जीवाड़ा किया गया है क्योंकि डीलर के द्वारा अट्ठारह उन्नीस में बेचे गए ट्रैक्टर को पुनः 12 10 20 21 का नया प्रारूप बनाकर फर्जी राशि आहरण करने की कोशिश की गई किसान को जानकारी होने पर उसके द्वारा शिकायत आवेदन की गई थी जिस पर जांच अधिकारी द्वारा किसान की शिकायत को सही पाया गया और पुराने ट्रैक्टर पर ही ने प्रदर्शन कर अनुदान प्राप्त करने की बात सामने आई वहीं कृषि खरीदी पर कृषि अनुदान की   में भारी फर्जीवाड़ा सामने आ चुके हैं, जिसमें यंत्र प्रदायको तथा बीज एवं कृषि विकास निगम के आला अधिकारियों की आपसी सांठगांठ से कृषि यंत्रों के लिए जारी होने वाली अनुदान की राशि पर हाथ साफ किया जा चुका है । दिलचस्प बात यह है कि अनुदान देने की पूरी प्रक्रिया में भौतिक सत्यापन तथा तमाम दस्तावेजों जैसे बिल,बीमा तथा रजिस्ट्रेशन बुक इत्यादि का निरीक्षण एवं सत्यापन छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के सक्षम अधिकारी द्वारा किया जाता है । इससे साफ जाहिर होता है कि केंद्र पोषित यंत्रीकरण सबमिशन योजना के तहत कृषि यंत्रों के वितरण में हो रहे फर्जीवाड़े तथा भ्रष्टाचार के तार ऊपर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों से कहीं ना कहीं जुड़े अवश्य है तथा राज्य शासन का कृषि महकमा भी भ्रष्टाचार के गहरे दलदल में धंसा हुआ है कृषि विभाग द्वारा जितने भी किसानों को वर्ष दो हजार अट्ठारह उन्नीस से अब तक अनुदान दी गई है अगर इनकी सूक्ष्म जांच की जाए तो  इस मामले के साथ अन्य कृषि यंत्र अनुदान राशि की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो महकमे के आला अधिकारियों के द्वारा कितनी मात्रा में फर्जीवाड़ा किया जाए यह बात सामने आ सकती है।

इस संबंध में जांच अधिकारी जेपी पटेल बीज निगम जांजगीर द्वारा बताया गया कि किसान के शिकायत पर हमारे द्वारा मौका निरीक्षण ग्राम पंचायत सोना दुला पहुंच कर शिकायतकर्ता एवं जिस वाहन पर अनुदान राशि ली जा रही थी वह वर्ष दो हजार अट्ठारह उन्नीस में खरीदी की गई थी  इस आधार पर शिकायतकर्ता की शिकायत सही पाई गई है, और अनुदान की राशि पर डीलर के द्वारा नया ट्रैक्टर 3 नवंबर को किसान देने के बाद सामने आई है और पुराने ट्रैक्टर पर अनुदान राशि प्राप्त करने हेतु डीलर द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिससे फर्जीवाड़ा प्रतीत होता है हमारे द्वारा मौका पंचनामा तैयार कर लिया गया है। उच्च अधिकारी को अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर ही कार्रवाई की जाएगी।