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किसान आंदोलन को हाईजैक कर देशविरोधी ताकतों ने राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित करके अपनी क़रतूतों से देश को शर्मसार करने का अक्षम्य अपराध किया है- भाजपा

किसान आंदोलन को हाईजैक कर देशविरोधी ताकतों ने राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित करके अपनी क़रतूतों से देश को शर्मसार करने का अक्षम्य अपराध किया है- भाजपा

रायपुर, 27 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी दिल्ली में हिंसा और अराजकता का तांडव मचाने के लिए ज़िम्मेदार तथाकथित किसान नेताओं पर कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। डॉ. सिंह ने मांग की कि न केवल इस आंदोलन की आड़ लेकर ‘ट्रैक्टर रैली’ को ‘टेरर रैली’ बनाकर दिल्ली को अगवा करने की इस साजिश में लिप्त लोगों को चुन-चुनकर क़ानूनी कार्रवाई की ज़द में लिया जाए, अपितु उन राजनीतिक नेताओं व राज्य सरकारों की भूमिका को भी जाँच के दायरे में लाया जाए जो पिछले दो माह से इस आंदोलन की आड़ में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विष-वमन करके अपनी निकृष्ट व कलंकपूर्ण मानसिकता के साथ इस आंदोलन को दिशाहीन करने के देश और संघीय ढाँचे के विरोध के एजेंडे में बराबर की भागीदार हैं।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने इस आंदोलन की पैरवी करके केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ गाहे-बगाहे प्रलाप करने वाली छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला किया और कहा कि दिल्ली के किसान आंदोलन के नाम पर मगरमच्छ के आँसू बहाते मुख्यमंत्री समेत कांग्रेस के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की राजधानी से लेकर गली-मुहल्ले तक के नेताओं ने कृषि क़ानूनों के नाम पर झूठ और नफ़रत का बीज बोया और अब अपनी चमड़ी बचाने के लिए किसान आंदोलन से पल्ला झाड़ने का शर्मनाक उपक्रम कर रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि अपने छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों के साथ धोखाधड़ी, छल-कपट और वादाख़िलाफ़ी करके किसानों के साथ अन्याय की पराकाष्ठा करने वाली प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों को तो ख़ून के आँसू रुलाने का काम किया और देश विरोधी ताकतों द्वारा हाईजैक किए जा चुके दिल्ली के आंदोलन से सहानुभूति दिखाने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ा। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ समेत उन तमाम राज्य सरकारों व राजनीतिक नेताओं की भूमिका को सख़्त जाँच के दायरे लेने की मांग केंद्र सरकार से की है और आवश्यक होने पर या तो सरकारों से इस्तीफ़ा लिया जाए अथवा संवैधानिक दायरे में इन सरकारों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई राजनीतिक दल या राज्य सरकार संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर घिनौनी सियासत का दुस्साहस न कर सके।

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों के नाम पर आंदोलन चला रहे नेताओं का असली एजेंडा और चेहरा सामने आ गया है। किसान आंदोलन को हाईजैक कर जिस तरह राष्ट्रीय ध्वज को अपमानित किया गया और देश विरोधी ताक़तों ने अपनी क़रतूतों से देश को शर्मसार किया है, वह पूरी तरह अक्षम्य अपराध है। डॉ. सिंह ने कहा कि देश विरोधी ताक़तों से गठजोड़ करके देश में अराजकता और हिंसा फैलाने की इस साजिश के पर्दाफाश और अब आंदोलन के बदनीयत, बदज़ुबान और बददिमाग़ नेताओं के पल्ला झाड़कर अपने-अपने बिलों में मुँह छिपाने से साफ़ हो गया है कि इन देश विरोधी ताक़तों का किसानों से कोई लेना-देना शुरू से ही नहीं था। उनका असली मक़सद तो गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की घटनाओं से साफ़ हो गया है। अपने इसी एजेंडे के तहत केंद्र सरकार से 12 दौर की बातचीत के बाद भी तथाकथित आंदोलनकारी नेता अपनी ज़िद्द पर अड़े हुए थे और केंद्र सरकार के हर समाधानकारक प्रस्तावों को ठुकराते रहे। डॉ. सिंह ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों तथा जवानों के धैर्य व संयम की सराहना करते हुए कहा कि लगातार लाठी-तलवार, पत्थरबाजी करके हिंसक हमले के बाद भी पुलिस को उकसाने और केंद्र सरकार व भारत की छवि को दाग़दार में आततायी विफल रहे, फलस्वरूप एक बड़ी अनहोनी केंद्र सरकार की सूझबूझ से टल गई। केंद्र सरकार अब क़ानूनन इस देश-विरोधी मानसिकता को समूल कुचलने का काम करेगी।