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बरमकेला तहसील के सामने सामने किसान आत्महत्या मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने रायगढ़ कलेक्टर को जारी किया नोटिस

 बरमकेला तहसील के सामने सामने किसान आत्महत्या मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने रायगढ़ कलेक्टर को जारी किया नोटिस


बरमकेला तहसील के सामने सामने किसान आत्महत्या मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने रायगढ़ कलेक्टर को जारी किया नोटिस

 

जनधारा समाचार |

रायपुर | पुरे प्रदेश में इन दिनों ज़मीन माफिया और दलाल काफ़ी सक्रिय हैं, कही कोई किसान अपनी किसानी जमीन को जरूरतों के लिए बेचना चाहता तो हैं, लेकिन जमीन माफियाओं की हौसले इस कदर बुलंद है कि एक किसान को उनकी जमीन की रजिस्ट्री होने ही नही दी गई | इतना ही नही जब-जब पीड़ित किसान रजिस्ट्री कार्यालय जाता तब-तब उनकी रजिस्ट्री जमीन दलालों ने रजिस्ट्री कार्यालय में सांठगाठ कर कैंसल करा दी जाती | अफसरशाही और जमीन दलालों से परेशान होकर रायगढ़ जिले के बरमकेला तहसील के सामने ग्राम कटंगपाली के अनुसूचित जाति वर्ग के पीड़ित किसान बैरागी मिरी ने तहसील कार्यालय के सामने जहर पीकर आत्महत्या कर लिया | इस दिल दहला देने वाली घटना ने शासन – प्रशासन के द्वारा किसानों के प्रति जताने वाली सहानुभूति की कलाई खोल कर रख दी |

 

इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त पदमा मनहर ने आयोग के संज्ञान में लाया | इसके बाद आयोग ने रायगढ़ जिला कलेक्टर को पत्र जारी कर एक महीने के भीतर जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा गया हैं|

मिली जानकारी के मुताबिक छह दिन पहले यानी तीन अगस्त को ग्राम कटंगपाली किसान बैरागी मिरी (38 वर्ष) पिता भोजराम मिरी को जमीन दलाल और अधिकारीयों के द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था | इस वजह से उन्होंने परेशान होकर खुदखुशी करने की बात सामने आ रही हैं | इस पुरे मामले में आयोग ने संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर रायगढ़ को पत्र जारी कर जाँच का जिम्मा सौंपा है |

 

वहीं जिले में इस पुरे घटने में राजनीतिक तूफान मचान स्वभाविक हैं इसको लेकर विपक्षी पार्टी बीजेपी सहित विरोधियों को भी मुद्दा मिल गया हैं | इस घटना को लेकर स्थानीय नेताओं ने मामले में शामिल दोषी अधिकारी व जमीन दलाल के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर पीड़ित परिजनों को 25 लाख रूपये मुवावजा सहित पुरे मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग की गई हैं |