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भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ रायगढ़ ने संस्थापक ठेंगड़ी का मनाया जन्मोत्सव

भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ रायगढ़ ने संस्थापक ठेंगड़ी का मनाया जन्मोत्सव

धरमजयगढ़। भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ रायगढ़ ने संघ के संस्थापक राष्ट्र ऋषि राष्ट्रवादी विचारक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठेंगड़ी का जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया और उन्हें इस मौके पर याद करते हुए नमन किया। इस अवसर पर वनांचल के ग्राम कुरु छाल में एकल विद्यालय मैं अध्ययनरत विद्यार्थियों, गुरुजनों, देवी स्वरूप माताओं को कापी, कंपास, हनुमान चालीसा, पेन एवं अंग वस्त्र से संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा सादर सम्मान किया गया।


इस दौरान महामंत्री ननकी राम साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक ठेंगड़ी जी भारतीय मजदूर संघ, किसान मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच गैर राजनीति संगठन का स्थापना की एवं अनेकों पुस्तक लिखी जिनमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए उद्योग की रक्षा में ही मजदूर के हित है और उन्होंने कहा था की पंगु और बौना बनाने वाले गरीबी मिटे, कहीं रोटी इंसान को ना खा जाए, उनका सपना था हर हाथ में काम हो हर खेत में पानी हो भारत ही नहीं दुनिया की राष्ट्रभक्त मजदूर एक हो।  हमेशा राष्ट्र के प्रति राष्ट्रवादी विचार रखने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जिन्होंने राज्यसभा सदस्य रहे और सहज ही सम्मान पूर्वक पद्मश्री जैसे सम्मान को लौटा दिया गया। 

ऐसे युग दृष्टा राष्ट्र ऋषि को शत शत नमन करते हुए सभी कार्यकर्ताओं पदाधिकारी एवं ग्रामीण जनों ने उन्हें कोटि कोटि नमन किया और उनके बताए हुए कार्यशैली जीवन शैली और देश के प्रति हमेशा निष्ठा रखने के लिए सभी लोगों से अपील किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष आरके विश्वकर्मा संघ के, क्षेत्रीय अध्यक्ष बेनू प्रकाश गबेल, महामंत्री ननकी राम साहू राजेंद्र प्रसाद चंद्रा, कृष्ण कुमार चंद्रा, अशर्फीलाल, सुनील श्रीवास, सुरेश राठोर, अनेकों कार्यकर्ताओं गुरुजनों ग्राम के सम्मानित गणमान्य लोग बच्चों महिलाओं के गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ 

भारतीय मजदूर संघ हमेशा मजदूरों किसान गरीबों और जरूरतमंद लोगों के साथ हमेशा खड़ा रहता है भारतीय मजदूर संघ की स्थापना इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए हुआ है हमारे प्रेरणा स्रोत भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक ठेंगड़ी जी को सभी लोगों ने स्मरण करते हुए हृदय से कोटि-कोटि नमन करते हुए याद किए।