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पति और ठेकेदार के बीच हुई हाथापाई, शहर में बनी चर्चा का विषय

 पति और ठेकेदार के बीच हुई हाथापाई, शहर में बनी चर्चा का विषय

जांजगीर-चांपा. जिला पंचायत जांजगीर-चांपा इनदिनों सूर्खियों में बना हुआ है वजह है एक महिला जनप्रतिनिधि पति और ठेकेदार के बीच का विवाद प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा नाम ना छापने के शर्त पर बताया गया कि विवाद की शुरूवात जनप्रतिनिधि पति द्वारा की गई जब ठेकेदार कार्यालय में बैठा हुआ था तभी जनप्रतिनिधि पति मौके पर आ गया और ठेकेदार को तुम कार्यालय में किस हैसियत से आकर बैठते हो और कर्मचारियों को हुकूम देते रहते हो जबकि तुम यहां के कर्मचारी भी नहीं हो.

जिसके जवाब में ठेकेदार ने कहा तुम्हारी हैसियत क्या है तुम मुझे किस हक से बोल रहे हो. तुम भी यहां के कर्मचारी नहीं हो. ऐसे में मुझे बोलने वाले होते कौन हो. इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. नौबत हाथापाई तक आ गई. जिसके बाद कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा बीच-बचाव करके मामला शांत कराया गया. लेकिन तबतक दोनों में देखने दिखाने तक बात पहंुच चूंकी थी. आखिर ले देके मामला शांत कराया गया.

मामले की खबर जिला पंचायत सीईओ तक भी पहुंची. लेकिन उनके द्वारा इसपर अबतक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. लेकिन कार्यालय से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक ठेकेदार सीईओ का करीबी बताया जा रहा है क्योंकि सीईओ अबतक जहां-जहां भी पदस्थ रहे है उसके साथ में तथाकथित ठेकेदार किन्नी की तरह चिपका रहता है या कहे परछाई की तरह चलता है. कुछ इसी तरह के हालात जिला पंचायत जांजगीर-चांपा में भी है. उक्त ठेकेदार रोजाना कार्यालय में आकर कर्मचारियों को हूकुम पर हूकुम देता रहता है हर कार्य में हस्तक्षेप करता रहता है. जिससे विभाग के कर्मचारी भी खासे परेशान है सीईओ साहब के खासमखास होने के चलते खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे है लेकिन दबी जुबान में भद्दी- भद्दी गालियां जरूर दे रहे है साथ ही सीईओ का तबादला हो जाने की विनती भी कर रहे है. फिलहाल जिला पंचायत जांजगीर-चांपा बाहरी लोगोें के कारण चर्चा में बना हुआ है विभाग के कर्मचारी इससे खासे परेशान है. यह विवाद हफ्ते भर के अंदर का बताया जा रहा है.

जनप्रतिनिधि पति का अखबारों की हेडलाइन पर नजर

सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत की महिला जनप्रतिनिधि के पति का अखबारों की हेडलाइन पर विशेष नजर रहती है किस अखबार ने किस विभाग की खबर प्रकाशित की हुई है उसका कटिंग करके रखा जाता है इसके बाद अपने चेले के साथ उक्त विभाग में पहुंच कर अखबारों में छपी खबरों की बात छेड़कर खर्चा पानी की मांग की जाती है नहीं देने पर विभाग की शिकायत ऊपर तक की जाती है पत्नी के पद का पति द्वारा जमकर नाजायज फायदा उठाया जा रहा है ठेकेदार की तरह जनप्रतिनिधि पति भी रोजाना कार्यालय में आ जाता है तथा अपना स्वार्थ सिद्ध करता रहता है.

ठेकेदार को बताया जा रहा सीईओ का खास

तथाकथित ठेकेदार को जिला पंचायत सीईओ का खास बताया जा रहा है अबतक सीईओं जहां-जहां पदस्थ रहे है वहां से प्राप्त जानकारी तथा वर्तमान पदस्थान से मिली जानकारी के अनुसार उक्त ठेकेदार को अगर सीईओ की परछाई कहा जाए तो गलत नहीं होगा. क्योंकि उक्त ठेकेदार या तो सीईओ के केबिन में बैठा रहता है या कार्यालय के कर्मचारियों को हूकुम देता रहता है. कार्यालय के हर काम-काज में ठेकेदार की सीधी दखल रहती है इससे विभाग के कर्मचारी भी खासे परेशान रहते है हफ्ते भर के अंदर हुए विवाद का कारण भी यही था जनप्रतिनिधि पति चाहता है विभाग में उसका चलवा चलती रहे तो ठेकेदार चाहता है विभाग में उसकी तुती बोले और यही विवाद का जड़ है.