breaking news New

कथा समाख्या के लिए बस्तर में जुटे देश भर के साहित्य मर्मज्ञ एवं कथाकार

कथा समाख्या के लिए बस्तर में जुटे देश भर के साहित्य मर्मज्ञ एवं कथाकार

 

कलागुड़ी जगदलपुर में उदघाटन सत्र  सम्पन्न 

 जगदलपुर।  बस्तर जिले के अलग अलग स्थानों में  12 से 14 नवम्बर तक आयोजित कथादेश कथा  समाख्या 7 के  लिए देश भर के नामचीन साहित्यकार और कथाकार बस्तर जिले में जुटे। कथासमाख्या का उदघाटन एवं प्रथम सत्र शुक्रवार 12 नवम्बर की रात्रि को जगदलपुर शहर में दलपत सागर के समीप स्थित कलागुड़ी में आयोजित किया  गया।

छत्तीसगढ़ फ़िल्म एंड विजुअल आर्ट सोसायटी रायपुर और कथादेश दिल्ली के संयुक्त आयोजन के अवसर पर बस्तर पहुंचे प्रख्यात कथाकार एवं आलोचक  सत्यनाराण, प्रिय दर्शन मालवीय, योगेंद्र  आहूजा,  जयशंकर देवेन्द्र, विनोद तिवारी, सेवानिवृत्त आईएएस एवं  वरिष्ठ साहित्यकार श्री त्रिलोकचंद्र महावर, तरुण भटनागर, रामकुमार तिवारी, हरिनारायण एवं जयप्रकाश का स्वागत व अभिनंदन कलेक्टर श्री रजत बंसल ने किया।


   कलेक्टर ने कथासमाख्या के  देश के वरिष्ठ साहित्यकारों के आगमन को पूरे बस्तर जिले के गौरव का विषय  बताया। इस अवसर पर उन्होंने  बादल एवं बस्तर कलागुड़ी के स्थापना के उद्देश्यों के  संबंध में भी जानकारी दी। श्री बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल के मंशानुरूप  स्थापित इस कलागुड़ी के माध्यम से  बस्तर एवं आदिवासियों की परंपरा एवं संस्कृति को सहेजने के साथ ही संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री त्रिलोक महावर ने कथासमाख्या के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बस्तर के  साहित्य, कला, संस्कृति के संरक्षण एवं   सवंर्धन हेतु किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए कलेक्टर   रजत बंसल के  प्रयासों की भी सराहना की।

इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार  जयप्रकाश द्वारा  मूर्धन्य साहित्यकार  गजानंद  माधव मुक्तिबोध के जयंती की पूर्व संध्या के अवसर पर  उनकी कथा का पाठ भी किया गया। कथासमाख्या के दौरान उपस्थित वरिष्ठ  साहित्यकारों ने भी अपना सारगर्भित विचार रखे। आयोजन के दौरान दिवंगत साहित्यकारों  को 2 मिनट की मौन  रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।


इस अवसर पर सहायक कलेक्टर सुश्री सुरुचि सिंह प्रतिभागी एवं युवा कथाकार श्री मिथलेश प्रियदर्शनी, श्रीधर करुणा निधि, उमेश चरपे, माधव राठौर एवम विवेक आसरे सहित साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।