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गोमपाड़ नरसंहार : न्यायिक जाँच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया आंदोलन

गोमपाड़ नरसंहार :   न्यायिक जाँच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया आंदोलन


कृष्णा नायक दोरनापाल

दोरनापाल। कोन्टा के गोमपाड़ में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गोमपाड़ नरसंहार न्यायिक जाँच की माँग पर कमेटी का गठन करते हुए  कार्यवाही की माँग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित होकर  सभा को आंदोलन का रूप देते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। 

 शुक्रवार को गोमपाड़ में एक बार फिरसे बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और प्रदेश व केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी करते हुए पुरे मामले पर कार्यवाही की माँग की है। 


ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2009 में कोबरा बटालियन के जवानों द्वारा गोलीबारी की गई थी जिसमें गाँव के 12 ग्रामीणों की मौत होने का आरोप लगाया गया है जबकी इसी मंच से वर्ष 2016 में नुलकातोंग गाँव में गोलीबारी कर जवानों पर गाँव के 15 ग्रामीणों को मारने का आरोप लगाते हुए मृतकों एवं घायलों के परिजनों को मुआवज़ा देने की माँग की गई है ग्रामीणों ने दावा किया है की जब तक उनकी माँगे पुरी नहीं हो जाती ग्रामीणों का आंदोलन निरंतर जारी रहेगा यही नहीं ग्रामीणों ने आंदोलन को कई दिनों तक चलाने की मंशा से गोमपाड़ गाँव के नज़दीक ही एक मंच भी तैयार कर लिया है। 


 जिसे लकड़ियों और मिट्टी डाल पुरी तरह से मज़बूती के साथ तैयार किया गया है वहीं ग्रामीणों के इस आंदोलन में पहली बार मुलवासी बचाओ मंच के कोंटा ब्लॉक के अध्यक्ष भी नज़र आए जो पुरे आंदोलन का नेतृत्व भी करते दिखे पेड़ों के नीचे आसपास के गाँवों के सैकड़ों ग्रामीण यहाँ प्रदेश की भूपेश एवं केंद्र की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी करते हुए कार्यवाही एवं मुआवज़े की माँग करते रहे वहीं सभा में एक बालक को भी लाया गया था। 


 जिसकी दाएँ हाथ की तीन उँगलियाँ कटी हुई थी आरोप लगाया गया की 2009 में ही जवानों ने उसकी हाथ को छतिग्रस्त किया था जिसमें उसकी तीन उँगलियाँ काटे जाने का आरोप लगाया गया है !