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भाजपा जिला पंचायत सदस्य रामू नेताओं ने नीट सलेक्शन में आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए शासन प्रशासन को घेरा

भाजपा जिला पंचायत सदस्य रामू नेताओं ने नीट सलेक्शन में आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए शासन प्रशासन को घेरा

दंतेवाड़ा, 27 नवंबर। प्रदेश की लचर शिक्षा व्यवस्था और दन्तेवाड़ा शिक्षा विभाग के सामूहिक षडयंत्र के कारण ही नीट सलेक्शन से आदिवासी बालाएं वंचित हुईं।

भाजपा जिला पंचायत सदस्य रामू नेताम ने दन्तेवाड़ा के आदिवासी बालाओं का नीट क्वालीफाइ के बाद भी दाखिला न होने का मुख्य कारण प्रदेश सरकार की लचर शिक्षा व्यवस्था और दन्तेवाड़ा के जिला शिक्षा विभाग को माना है। उन्होंने  कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि हालिया घटित नीट कॉउंसलिंग में हुई घोर लापरवाही से ये तो साबित हो ही गया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार हो या दन्तेवाड़ा की प्रशासनिक व्यवस्था क्षेत्र के होनहार विदयार्थियों के भविष्य के साथ केवल खिलवाड़ ही कर रही। उन्हें नक्सल पीड़ित क्षेत्र के होनहार बच्चों के भविष्य की कोई चिंता नही है। इससे पूर्व भाजपा शासन में सैकड़ों बच्चों का भविष्य छू लो आसमान, लक्ष्य ट्यूटेरिल सेंटर, बीपीओ कॉल सेंटर, लाइविली हुड, जावंगा एजुकेशन जैसे कई संस्थानों से सँवारी गई थी। पर आज कांग्रेस की सत्ता आते ही जैसे दन्तेवाड़ा जिले के विकास को ही ग्रहण सा लग गया है। क्षेत्र के युवा पीढ़ी हो या व्यापार जगत सभी सहम से गये हैं। छू-लो आसमान के आदिवासी बालाओं को दाखिले से वंचित कर उनका समय बर्बाद कर बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वालों की हम घोर निंदा करते हैं। और मांग करते हैं कि अपनी गलतियों को सुधार कर तत्काल क्वालीफाइ बच्चों का दाखिला करवाएँ। जिला पंचायत सदस्य रामू नेताम  ने कहा कि पूरे लॉक डाउन के दौरान कांग्रेस के मंत्रियों ने स्वान चिप्स जैसे अनुबंधित शासकीय तंत्रों का सर्वर अपनी पार्टी की वर्चुअल बैठक के लिए जम कर किया और अभी बच्चों की भविष्य की बात आई तो ठीकरा सर्वर पर ही फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जबकि बच्चों के मामले में शिक्षा विभाग को गंभीर होना चाहिए। 

 जिला कलेक्टर को इस बात की जानकारी पालकों के माध्यम से नही बल्कि विभागीय माध्यम से पता चलता। इससे ये बात भी स्पष्ठ हो ही जाती है कि शिक्षा विभाग में आसीन राजनीतिक रसूखदारों के समक्ष जिला प्रशासन भी असहाय सा हो गया है, इसी कारण से विभाग से बाहर पीड़ित बच्चों के पालकों के माध्यम से जिला प्रशासन को मामले की जानकारी मिली।

 जिला पंचायत सदस्य रामू नेताम  ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मामला केवल दन्तेवाड़ा का ही नही है पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के बच्चों को इस चयनित परीक्षा में छला गया है। नीट जैसी विश्वसनीय चयनित परीक्षाओं में अन्य राज्यों के विदियार्थियों का फर्जी निवास प्रमाण पत्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कोटा में डाका डाला गया है। जिसमे कांग्रेस के हाथ होने से इनकार नही किया जा सकता या कांग्रेस सरकार की नाकामी को उजागर करता है। आखिर किन दस्तावेजों के आधार पर अन्य राज्य के विदयार्थियों का छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ है।इसकी जांच होनी चाहिए कहीं ऐसा तो नहीं कांग्रेस के ही मंत्री अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का खेल खेले हों। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ओर केंद्र की भाजपा सरकार को नक्सली उन्मूलन के नाम पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सहयोग हेतु पत्र लिखता है और वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के ही युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी कर रहा है इससे उसका दोहरा चरित्र साफ साफ नजर आता है। 

नेताम  ने कांग्रेस के इशारे पर कार्य कर रहे सभी संस्थानों को आगाह किया है कि अभी भी वक्त है अपनी गलतियां सुधारे और बच्चों के दाखिला का हर सम्भव कोशिश करें अन्यथा इसकी खामियाजा शासन प्रशासन को  भुगतना ही पड़ेगा।