breaking news New

पंडो, आदिवासी दर्जनों ग्रामीणों को एक वर्ष से नही मिला पेंशन, अफसरों की मिली भगत से सचिव ने किया वृद्धा पेंशन में फर्जीवाड़ा

पंडो, आदिवासी दर्जनों ग्रामीणों को एक वर्ष से नही मिला पेंशन, अफसरों की मिली भगत से सचिव ने किया वृद्धा पेंशन में फर्जीवाड़ा

चंद्र प्रकाश साहू
ग्रामीणों ने कहा साहब दवा के लिए भी नही पैसे बगैर पैसे के जीवन जीने को मजबूर

सुरजपुर।  जिले के मध्य प्रदेश सीमा से लगे क्षेत्र चाँदनी बिहारपुर में जनपद के अफसरों की लापरवाही, व समाज कल्याण विभाग के जिले के अधिकारियों की लापरवाही से लापरवाही से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो जनजाति को मिलने वाले आर्थिक सहयोग वृद्धा पेंशन नही मिलने से ग्रामीण आहत है। और दवा सहित अन्य जरूरी सामग्री के लिए दूसरों के सामने हाथ फ़ैलाने को मजबूर है।

गौरतलब है कि ओड़गी जनपद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पासल के ग्रामीण रीचकनिय पति मालिक राम जाति बैश्य, रनवसिया पति राम सजिवन जाति बैश्य, जुकनी पति शिव चरण जाति पंडो, रन साय पंडो, सोनमती पति नान्हु पंडो, मुखनी पति मुखलाल पंडो, विरसो/विराम पति पंडो, रामअधिन आत्मज मंगल पंडो, किसमतिया पति झोरी पंडो, सुमेशर आत्मज परसु पंडो, धानुआत्मज राम करन जाति खैरवार, फुलमती पति रामसुभग खैरवार,
बासमती पति महाविर खैरवार, जगनरायण  गोड़, मेहीलाल गोड़ ऐसे कई ग्रामीण है जो कि ग्राम पंचायत पासल के निवासी है। जो कि अनुसूचित जनजाति से आते है। इसके बाद भी केंद्र व राज्य सरकार के योजनाओं के लाभ से वंचित है। जबकि पंचायत में पूर्व सचिव सियाराम बैस द्वारा राशि का गबन कर दिया गया है। ग्रामीणों को पिछले वर्ष से ही वृद्धा पेंशन नही मिला है। जिसके कारण दवा दारू सहित अन्य खाद्य सहित जरूरी सामाग्री का खरीदी नही कर पा रहे है। ग्रामीण बताते है कि हमारे पुत्र है जो कि हमसे अलग रहते है। ऐसे में हम अपने बूढ़ी धर्मपत्नी के साथ घर मे रहते है। अब बुजुर्ग अवस्था आ चुका है, दूसरे के घरों बनी मजदूरी भी नही कर पाते है। प्रकृतिक संसाधन के एवज में ही जीवित है। गर्मी के दिनों में धीरे धीरे महुआ बिनने ते है। जो कही बेच कर रुपये आएगे तो घर चलेगा, यहां तक पीडीएस राशन खदीदने तक का पैसा नही होता है। तो शक्कर, चना को बेचना पड़ता है। साहब लोग कहते है कि कोरोना बीमारी आया है। हमारा स्वास्थ्य भी ठीक नही रहता है। सोचे कि जाकर अस्पताल में दिखाएंगे, पर पैसे के अभाव में अस्पताल भी नही जा पाते है। यहां तक की दवा भी नही ले पाते है। नेता लोग बड़े बड़े दावें करते है किन्तु यहां लागू नही होता है।

बतादें की उक्त सचिव सियाराम बैश्य द्वारा कार्य मे अनिमियता बरतने के साथ ही लाखों के गमन मामले सामने आने के बाद भी ओड़गी जनपद सीईओ द्वारा सस्पेंशन की कार्यवाही, रिकवरी करने के बजाय उन्हें अपने सम्मुख जनपद पंचायत में अटैच करके रखे हुए है। बल्कि मामलों को लेंन देंन करके ठंडे बस्ते डालने में लगे हुए है।

जब इस सम्बंध में जनपद सीईओ को फोन करने की कोसीस की गई किन्तु सम्पर्क नही हो सका है।