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छठ व्रती डूबते सूर्य को आज देंगेअर्घ्य : भारत और विश्व को कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान् सूर्य और छठी मैया से प्रार्थना

छठ व्रती डूबते सूर्य को आज देंगेअर्घ्य : भारत और विश्व को कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान् सूर्य और छठी मैया से प्रार्थना

रायपुर। छठ व्रती शुक्रवार को रायपुर शहर में अपने घरों के आस-पास बनाये जलकुण्डों, तालाबों और खारुन नदी के महादेव घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे।  

छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट के सदस्य नगर निगम के साथ गुरुवार को भी महादेव घाट की सफाई किये ।  रायपुर नगर निगम के महापौर ऐजाज़ ढेबर ने गुरुवार सुबह को महादेव घाट का निरक्षण किया।  

  इस अवसर पर छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, विपिन सिंह, परमानन्द सिंह, रविंद्र सिंह, पंकज अग्रवाल, वेदनारायण सिंह, रविंद्र शर्मा, संजय तिवारी, अमलेश कुमार, गोरखजी, रविकांत, अजय शर्मा,  पंकज चौधरी,  अजित उपाध्याय, संजय सिंह, मनोज सिंह, रंजीत मिश्रा एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट के सदस्यों ने गुरुवार को सफाई किया एवं लाइट डेकोरेशन महादेव घाट पर किया जा रहा है।  

छठ व्रतियों द्वारा गुरुवार संध्या को खरना एवं लोहंडा का व्रत किया गया।  इसके साथ ही छठ व्रती का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया है।  संध्या अर्ध्य 20 नवंबर को होगा और उषा अर्ध्य 21 नवंबर को होगा। छठ पर्व ही दुनिया का मात्र एक पर्व है जिसमें डूबते सूर्य एवं उगते की पूजा की जाती है। छठ पर्व को षष्ठी पूजा एवं सूर्य षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य और उनकी बहन छठी मइया को समर्पित है। त्यौहार और व्रत के अनुष्ठान कठोर हैं और चार दिनों की अवधि में मनाए जाते हैं। इनमें पवित्र स्नान, उपवास और पीने के पानी से दूर रहना, लंबे समय तक पानी में खड़ा होना और प्रसाद, प्रार्थना, प्रसाद और सूर्य देवता को अर्घ्य देना शामिल है। छठ पर्व मूलतः बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों का महापर्व है। बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग जिस देश एवं राज्यों में जाकर बसे वहां भी अपनी संस्कृति को आज भी बचाये हुऐ हैं। छठ महापर्व नेपाल, फिजी, मॉरिशस, सूरीनाम, गुयाना एवं अन्य देशों में भी मनाया जाता है।

छठ महापर्व आयोजन समिति महादेव घाट रायपुर के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कोरोना महामारी को देखते हुवे लोगों से अपील की है कि इस वर्ष छठ महापर्व अपने घर में मनाये और कोरोना महामारी को रोकने में केंद्र एवं राज्य शासन और जिला प्रशासन का सहयोग करें। राजेश सिंह ने आगे बताया कि कोरोना के कारण इस बार छठ व्रती घर पर ही छठ पूजा मनाये और छत्तीसगढ़, भारत और विश्व को कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान् सूर्य और छठी मैया से प्रार्थना करें । 

छठ व्रती सूर्य भगवन और छठी मैया को पकवान, फल एवं विभिन्न प्रकार के व्यंजन को भोग लगाएंगे।  

साथ ही समिति इस वर्ष छठ पूजा पर सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भंडारे आयोजन नहीं करेगी।  महादेव घाट एवं रायपुर जिले के तालाबों के किनारे जो भी व्रती पूजा करेंगे वो अपनी स्वंय की जबाबदारी पर करेंगे। छठ पूजा चूँकि व्रती के द्वारा तालाबों, नदियों एवं जलाशयों के किनारे होती है। कोरोना महामारी को देखते हुए समिति चाहती है की अधिक से अधिक छठ व्रती संध्या एवं उषा अर्घ्य अपने घर के आस पास छोटे जलाशय बनाकर छठ पूजा मनाये ताकि कोरोना संक्रमण को रोका जा सके। समिति जिला प्रशासन को कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में हर संभव सहयोग देने तैयार है।