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किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व में लोगों ने किया प्रदर्शन, पीएचई विभाग के खिलाफ की जमकर नारेबाजी

किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व में लोगों ने किया प्रदर्शन, पीएचई विभाग के खिलाफ की जमकर नारेबाजी


शहर में 7 महीने से मीठे पानी की आपूर्ति ठप, शहर वासियों ने खारे पानी के साथ पीएचई विभाग ने किया प्रदर्शन
पाइप लाइन क्षतिग्रस्त करने वाले सड़क ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और जल्द मरम्मत की मांग


बेमेतरा,  मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से शहर की 28 हजार आबादी मीठे पानी से वंचित है । आलम यह है कि क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की 7 महीने में मरम्मत नहीं हो पाई है ।  इससे नाराज शहरवासियों ने किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व में बुधवार को संबंधित पीएचई विभाग में सांकेतिक प्रदर्शन किया ।  इस दौरान लोगों ने पीएचई विभाग के अधिकारियों खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।  प्रदर्शनकारी अपने साथ खारा पानी लेकर पहुंचे थे । कार्यपालन अभियंता जीएन रामटेके के अनुपस्थिति में विभाग के कर्मचारी को खारे पानी की जार भेंट कर आम लोगों की परेशानियों से अवगत कराते हुए,  पाइप लाइन की जल्द मरम्मत की मांग की गई । इस दौरान मनोज शर्मा, पीयूष शर्मा, गिरीश गाबेल, अजय मिश्रा, राकेश पटेल, शिवम तिवारी,  टिकेश वर्मा, अभिषेक शर्मा, निखिल वर्मा, दीपक वर्मा, रवि वर्मा, अरुण वर्मा, टेक सिंह वर्मा, नवीन वर्मा, मनोज यदु, राजू यदु, महेश यदु, सोनू यदु, सागर यदु, टोपसिंह घृतलहरें, हरीश घृतलहरें, देवकुमार यादव, राजेश निषाद, गणेश साहू, पप्पू निषाद, गोलू निषाद, राजू निषाद, किशन साहू, मनीष साहू, जेठू बंजारे, काली राम, सागर दास, देवचरण, महेश राम, मनोज बंजारे, अरुण साहु आदि उपस्थित थे ।

जनता का सामना करने को तैयार नहीं अधिकारी कार्यालय से नदारद

इस दौरान किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि विभाग के कार्यपालन अभियंता को आज मुलाकात करने की सूचना देने के बावजूद जानबूझकर कार्यालय से नदारद हैं । वे अपनी गड़बड़ियों को छिपाने जनता का सामना करने को तैयार नहीं है ।कार्यालय से कई बार फोन लगाने पर संबंधित अधिकारी द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया इसलिए नाराज प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में जमकर नारेबाजी की । किसान नेता के अनुसार लोक निर्माण विभाग से क्षतिपूर्ति 25 लाख रुपए मिलने के बावजूद पीएचई विभाग के द्वारा मरम्मत नहीं कराई जा रही है । विभाग के कार्यपालन अभियंता का रिटायरमेंट नजदीक है इसलिए वे मनमानी करने पर उतारू हैं ।समस्याओं को लेकर आमजनों की कॉल रिसीव नहीं करते । इनके द्वारा आमजनों अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत मिली है ।


बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी कर रहे बहानेबाजी

22 करोड़ लागत की शहरी जल आवर्धन योजना के अंतर्गत बीते 7 माह से बेमेतरा शहर के लोगों को मीठे जल की आपूर्ति नहीं हो रही है । शहर के मध्य से टूलेन सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई महीनों बीत जाने के बावजूद छत्तीसगढ़ पाइपलाइन की मरम्मत को लेकर संबंधित पीएचई विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं । शहर के लोगों की बार-बार शिकायत के बाद भी अधिकारी बहानेबाजी कर रहे हैं । उल्लेखनीय है कि भाजपा के शासनकाल में शहरी जल आवर्धन योजना के लिए 16 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे ।  जिसमें शहर के 21 में से 15 वार्डों में पाइप लाइन का विस्तार हो पाया था ।  इसके बाद 6 वार्डों में पाइपलाइन बिछाया जाना शेष था ।  सत्ता परिवर्तन के साथ लोगों को मीठे जल के सुचारू आपूर्ति की उम्मीद थी ।  लेकिन सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं । कांग्रेस शासनकाल में करीब पांच करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि स्वीकृत होने के बावजूद मीठे जल की आपूर्ति सम्भव नही हो पाई है ।