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तेरा मेरा मनवाः आप पूछे हम बताएं , मन से मन की उलझन सुलझाएं

तेरा मेरा मनवाः आप पूछे हम बताएं , मन से मन की उलझन सुलझाएं

मन बड़ा जटिल होता है। इसमें ढेरों समस्याएं रहती हैं। यदि व्यक्ति इनके मकड़जाल में उलझ गया तो उसका जीवन दूभर हो जाता है। मन के सभी कोनों से एक - एक उलझन को तलाश कर बाहर निकालना बहुत ज़रूरी है ताकि आपका जीवन सहज, सरल और पारदर्शी बन सके। मन की हजार उलझनों का सुलझाव भी मन के रास्तों से ही निकलता है। तेरा मेरा मनवा भी कुछ ऐसी ही बात करता है।

समस्या – मेरा नाम अखिलेश चौधरी है। मुझे बचपन से बात –बात पर बहुत गुस्सा आता है। स्कूल और कालेज में भी  मैं बहुत मारपीट करता था। कई बार मुझे कालेज से सस्पेंड भी कर दिया जाता था। अब एक प्रायवेट कम्पनी में जॉब करता हूँ लेकिन वहां भी अक्सर मेरी किसी न किसी से मारपीट हो ही जाती है। इस गुस्से की वजह से मेरे बहुत कम दोस्त हैं मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड ज्यादा दिनों तक मेरे साथ नहीं टिक पाती। गुस्सा आना कोई बीमारी है मुझे डॉक्टर से मिलना पड़ेगा? 

समाधान – गुस्सा सभी मनुष्यों में प्राकृतिक रूप से होता है किसी में ज्यादा किसी में कम । जब भी कोई भी घटना या कोई बात हमारे अनुकूल नहीं होती है तो हमें गुस्सा आता है, लेकिन गुस्सा यदि व्यक्ति का स्वभाव ही बन जाए तो बहुत परेशानी खड़ी कर देता है। आप लगातार गुस्से में रहते हैं इसलिए आपको जॉब में और रिश्ते निभाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेरी सलाह है आप सबसे पहले अपनी सोच सकारात्मक रखिए । लोगों को माफ करना सीखिये, मुस्कुराने की आदत डालिए। परिणाम बेहतर होंगे।

समस्या – मेरे घर में मुझसे बड़ी पांच बहने हैं मैं सबसे छोटा हूँ बहनों के साथ रहने की वजह से मुझे लड़कियों के साथ ही कम्फर्ट फील होता है। आसपास के लड़कों से मेरी कभी दोस्ती ही नहीं हुई। न वे लोग ही मुझसे बात करते हैं, पिछले साल मैंने लड़कों के  कालेज में एडमिशन लिया है। अब कालेज जाने में मुझे बहुत घबराहट हो रही है। मुझे लड़कों से बात करने में डर भी लगता है। क्या मुझे ये कोई मानसिक रोग है,परेशान हूँ, सुझाव दे।

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समाधान –आपकी समस्या गंभीर है, जिसमें आपका नहीं आपके परिवार वालों का दोष है । अक्सर बहुत सी बहनों के बीच पलने वाले एक भाई या बहुत से भाइयों के बीच पलने वाली एक बहन जाने अनजाने अपने भाई -बहनों के गुण/दोष , सोच,आदतें,पहनावा आदि  अपना लेते हैं, |जो भविष्य में बहुत परेशानी खड़ी करता है। आपके आत्मविश्वास में कमी आ गयी है, लेकिन आप परेशान न हो ये कोई मानसिक बीमारी नहीं है आप कालेज जाना शुरू कीजिये और दोस्त बनाइये। धीरे –धीरे आप में आत्म विश्वास आ जाएगा। 


समस्या – मेरे एक मित्र है कालेज टाइम से ही उनके कई महिला मित्रों के साथ फिजिकल रिलेशन थे। दो वर्ष पहले उनका विवाह हो चुका था, लेकिन  विवाह के बाद भी कई स्त्रियॉं के साथ संबंध रखने की वजह से पिछले महीने उनका तलाक हो चुका है, लेकिन उनकी ये आदत अब भी नहीं गयी | अक्सर इस बुरी आदत की वजह से उन्हें अपने कार्यालय में रिश्तेदारों में अपमानित होना पड़ा। उनसे बात करने पर वे कहते हैं मेरा खुद पर कंट्रोल नहीं रहता क्या करूं। क्या कोई उपाय है ?

समाधान –आपके मित्र की जो समस्या है उसे “सेक्स की लत”या सेक्स एडिक्शन कहते हैं। ये एक मानसिक विकृति है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। साथ ही ये व्यक्ति के करियर और रिश्तों को बर्बाद करने में अहम भूमिका निभाती है । अक्सर लोग डिप्रेशन या तनाव से बचने के लिए सेक्स करते हैं जो बाद में एक लत बन जाता है। किसी योग्य चिकित्सक एवं काउन्सलर से मदद ली जानी चाहिए।

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समस्या – हम लोग संयुक्त परिवार में रहते हैं, जहां मेरे माता–पिता भी हमारे साथ रहते है। मेरी पत्नी एक स्कूल में टीचर है लेकिन अक्सर वह मेरे आठ  वर्षीय बेटे को पढ़ाई को लेकर बहुत पीटती है। उसका कहना है कि मेरे माता पिता मेरे बेटे को पढ़ने नहीं देते ओर बिगाड़ रहे हैं। मुझे समझ नहीं आता किसकी गलती है। 

समाधान - गलती किसी की भी नहीं बस थोड़ी समझदारी से काम लेना होगा। अक्सर संयुक्त परिवार में दादा दादी के अत्यधिक प्यार की वजह से बच्चे पढ़ाई की गंभीरता को नहीं समझते हैं। घर के बुजुर्ग भी बच्चों के साथ टाइम बिताना चाहते हैं। ऐसे हालातों किसी को दोष ना दे और ना बच्चे को पीटें। पीटने से बच्चे डरपोक या जिद्दी और ढीठ बन सकते हैं। अपने माता –पिता को समझाये कि वो बच्चे को पढ़ने के लिए मोटिवेट करें। घर में स्नेह ओर प्रेम का वातावरण बनाए रखिए सब ठीक होगा।