breaking news New

बिग ब्रेकिंग : तहसीलदार सहित जिला प्रशासन पर मूर्तियां चुराने का गंभीर आरोप, आदिवासियों के निशाने पर सरकार, हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई तो सरकार का जवाब आया, 'ये देवी देवता नही छोटे छोटे पत्थर हैं'

बिग ब्रेकिंग : तहसीलदार सहित जिला प्रशासन पर मूर्तियां चुराने का गंभीर आरोप, आदिवासियों के निशाने पर सरकार, हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई तो सरकार का जवाब आया, 'ये देवी देवता नही छोटे छोटे पत्थर हैं'

रायपुर. आदिवासी समुदाय ने जशपुर के जिला प्रशासन पर जनजाति समाज के देवी देवताओं की प्रतिमाएं चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है तथा सरकार से मूर्ति चोरी की घटनाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है.


रायपुर. आदिवासी समुदाय ने जशपुर के जिला प्रशासन पर जनजाति समाज के देवी देवताओं की प्रतिमाएं चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है तथा सरकार से मूर्ति चोरी की घटनाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है.

सरहुल सरना महोत्सव समिति के अध्यक्ष जागेश्वर राम भगत ने आज एक पत्र जारी कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. पत्र में उन्होंने कहा कि जशपुर के आधा दर्जन गांवों से जनजाति समाज के देवी देवताओं की प्रतिमाएं चोरी हो रही हैं जोकि बहुमूल्य और पुरातात्विक हैं. जिला प्रशासन से जुड़े तहसीलदार बागबहार, तहसीलदार मनोरा, सीईओ जनपद पंचायत, नर्सरी अधीक्षक आदि कर्मचारी मूर्ति चोरी होने में सहयोग कर रहे हैं. आरोप है कि यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है.

श्री भगत ने आगे बताया कि लगातार होती मूर्ति चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए जशपुर के कलेक्टर और मंत्री से भी शिकायत की मगर मूर्ति चोरी की घटनाएं नही रूक सकीं. इसके बाद समिति ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई है. याचिका में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों ने सक्रिय होकर यहां से मूर्तियां उठाई हैं. इसके बाद न्यायालय ने सरकार से जवाब मांगा.

कई महीनों बाद जब सरकार के पुरातत्व विभाग की ओर से 15 फरवरी को जवाब दिया गया तो कहा गया कि ये भगवान नही पत्थर हैं. जिन लोगों ने कोर्ट में याचिका लगाई है, ये मूर्तियां नही हैं बल्कि पत्थर हैं और अदालत को गुमराह कर रहे हैं. इस बयान पर सरहुल सरना महोत्सव समिति ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि सरकार का यह रवैया और प्रतिक्रिया अपमानजनक है. उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि मूर्तियां चोरी की स्वतंत्र न्यायिक एजेंसी से जांच कराई जाए. समिति ने इसके पीछे इसाई मिशनरियों का षडयंत्र होने की आशंका जताई है.



कब कब गुम हुईं मूर्तियां

सरहुल सरना महोत्सव समिति के अध्यक्ष जागेश्वर राम भगत ने बताया कि जशपुर जिले में सालों से पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व वाली मूर्तियों की चोरी जारी है. 14 मार्च 2020 को पत्थलगांव के रेडे गांव से मुड़कटटी देवी की प्रतिमा चोरी हुई. इसी तरह 11 अप्रैल 2020 को हथगड़ा में विष्णु भगवान की मूर्ति चोरी हुई. इसी तरह ग्राम धरधरी में 15 अप्रैल को बम्हनी देवी और शिवलिंग की चोरी हुई, कांची ग्राम से 13 अप्रैल को शिवलिंग का पीडा कथित रूप से ले जाया गया. आरोप है कि पुरातत्व विभाग और संस्कृति विभाग के कर्मचारियों ने सरकार का भय दिखाकर ये मूर्तियां उठा ले गए लेकिन वे कहां हैं, किसी को पता नही है. जबकि इनकी पूजा अर्चना आदिवासी समाज करता था. ये मूर्तियां सरकारी रिकॉर्ड में भी दर्ज नही हैं. अत: सरहुल सरना महोत्सव समिति ने इसके पीछे जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों का हाथ होने की आशंका जताई है.