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प्रकृति एवं भक्ति के विविध रंगों के साथ राधाकृष्ण कीर्तन मंडली एवं मोहल्ले की महिलाओं ने मनाया एक माह तक सावन महोत्सव

प्रकृति एवं भक्ति के विविध रंगों के साथ राधाकृष्ण कीर्तन मंडली एवं मोहल्ले की महिलाओं ने मनाया एक माह तक सावन महोत्सव

 सावन का महीना देवों के देव महादेव का प्रिय महीना है । इस माह मे भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है । यूं तो हिन्दू परिवार के लोग  सावन महीने मे अपने अपने घरों मे या फिर आसपास के शिवालयों मे जाकर शिवलिंग की विधि विधान से पूजा अर्चना करते है । लेकिन यदि इसी पूजा अर्चना को सावन के रिमझिम फुहारों मे सराबोर होते हुए सामुहिकता और विविधता का रुप दे दिया जाए तो वह महोत्सव का रुप हो जाता है।  चांपा की राधाकृष्ण कीर्तन मंडली ने कुछ ऐसा ही प्रयास करते हुए मोहल्ले की महिलाओं के साथ पुरे सावन महीने भर विविध रुपों मे भोलेनाथ माता पार्वती और शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हुए सावन महोत्सव मनाया । रानी रोड राजा पारा मे रामबांधा तालाब के तट पर बावा घाट के पास दुर्गेश राजपूत द्वारा अपने भांजे की स्मृति मे मंदिर बनवाया गया है । इस मंदिर मे राधाकृष्ण और शिवलिंग के साथ ही अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित है । उनके परिवार द्वारा इस मंदिर मे प्रतिदिन सामान्य ढंग से पूजा अर्चना की जाती है । लेकिन सावन महीने मे प्रतिवर्ष राधाकृष्ण कीर्तन मंडली के सहयोग से शिवलिंग की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस बार भी इस मंदिर मे सावन महीने के हर दिन विविध रुपों मे पूजा अर्चना की गई ।

प्रत्येक सोमवार को अलग अलग वस्तुओं से अभिषेक....

महिलाओं ने सावन महीने के हर सोमवार को अलग अलग वस्तुओं से शिवलिंग का अभिषेक किया पहले सोमवार को दूध से, दूसरे सोमवार को दही से , तीसरे सोमवार को शहद से ,चौथे सोमवार को शक्कर से अभिषेक किया गया । नागपंचमी के दिन दूध दही से अभिषेक किया गया। सावन माह के अंतिम दिन पंचामृत से शिवलिंग का विशेष अभिषेक किया गया ।

मिट्टी बालु एवं हिम शिवलिंग की स्थापना तथा विसर्जन ...

मंदिर मे स्थायी रुप से शिवलिंग स्थापित है किन्तु महिलाओं द्वारा प्रतिदिन मिट्टी और बालु से शिवलिंग का निर्माण किया जाता था  फिर उसकी पूजा अर्चना करने के बाद उसी समय विसर्जन किया जाता था । चौथे सोमवार को थाली कटोरी की सहायता से फ्रिज मे बर्फ़ जमाकर उसे हिम शिवलिंग का रुप देकर पूजा अर्चना की गई। 

चौदस को समापन ...

पूर्णिमा को रक्षाबंधन पर्व होने के कारण महिला मंडली द्वारा चौदस को ही शिवलिंग का विशेष रुप से महाअभिषेक करके हवन ,ब्राह्मण भोज, माता पार्वती के श्रृंगार की वस्तुओं के साथ ही अन्य वस्तुओं का ब्राह्मण दान करते हुए इस सावन महोत्सव का समापन किया गया । 

इस सावन महोत्सव मे  बुधवारा बाई थवाईत,  विद्या राजपूत , लीना राजपूत , कविता थवाईत,  गायत्री राजपूत ,  उत्तरा थवाईत , पुष्पा थवाईत  सोनी सोनी  त्रिवेणी थवाईत राधा सोनी, माधुरी राजपूत, कृष्णा सोनी तथा प्रीति राजपूत आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए ।