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93% बच्चों को लगा जेई का वैक्सीन, 19 को खत्म होगा अभियान

93% बच्चों को लगा जेई का वैक्सीन, 19 को खत्म होगा अभियान


2.37 लाख बच्चों तक स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पहुंच बनाई

जगदलपुर, 17 दिसम्बर । जापानी बुखार से बचाव के लिये जेई टीकाकरण अभियान की अवधि 1 अतिरिक्त दिन के लिये बढ़ा दी गयी है। पहले जेई टीकाकरण अभियान  23 नवम्बर से 18 दिसम्बर तक मनाया जाना था, लेकिन 18 दिसम्बर को गुरु घासीदास जयंती के राजकीय अवकाश के कारण अब यह 19 दिसम्बर तक कर दी गयी है। 

इस टीकाकरण अभियान का मुख्य उद्देश्य 1 से 15 वर्ष के बच्चों को जेई के टीके लगाकर मस्तिष्क ज्वर से सुरक्षित करना है । 23 नवम्बर को प्रारंभ हुआ यह अभियान अब अंतिम पड़ाव की ओर है और इसके  तहत बस्तर जिले में 16 दिसम्बर तक 93 प्रतिशत बच्चों को जेई के टीके लग चुके है। 

विभाग द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार बस्तर जिले के कुल 2.55 लाख बच्चों को जेई के टीके लगाए जाने है जिनमें 2.37 लाख बच्चों को टीके लगाए जा चुके हैं। अब केवल 17,677 बचे हुए बच्चे जिनमें बस्तर ब्लॉक के 799, बकावण्ड के 794,बड़े किलेपाल के 670, लोहण्डीगुड़ा के 873, दरभा के 1544, नानगुर के 3984, तोकापाल के 4243, जगदलपुर शहर के 4770, बच्चों को जापानी इंसेफेलाइटिस के टीके लगेंगे।

जैपनीज इंसेफ्लाइटिस टीकाकरण की शुरुआत प्रदेश में 4 वर्ष पूर्व सुकमा जिले से की गई थी । भारत सरकार के दिशा निर्देश के अनुरूप छत्तीसगढ़ के अन्य 5 जिले में भी  यह टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है ।

27 दिनों तक चलने वाले इस इस अभियान में बस्तर ब्लॉक की स्थिति सबसे अच्छी है जहाँ 99% तक लक्ष्य की प्राप्ति हो चुकी है। इसके अतिरिक्त बकावंड ब्लॉक में 98%, लोहंडीगुड़ा 97%,बड़े किलेपाल 96%,  दरभा 92 % तोकापाल में 84% , नानगुर में 89% ,जगदलपुर में 87%, बच्चों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी पहुँच बनाई। 

जैपनीज इंसेफ्लाइटिस टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के.चतुर्वेदी ने कहा बच्चे को मस्तिष्क ज्वर से  बचाने के लिए उनका टीकाकरण कराना विभाग के साथ-साथ माता पिता की भी जिम्मेदारी है । अब 1 दिन शेष रह गए है ऐसे में टीके से छूटे हुए अपने बच्चों का टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें और इस अभियान को शत प्रतिशत सफल करने में सहयोग करें।  इस अभियान में कोरोना संक्रमण से बचाव का भी ध्यान रखा जा रहा है। टीकाकरण के लिए बच्चों के बीच सोशल डिस्टेनसिंग रखने, टीकाकरण के दौरान मास्क, ग्लव्स का प्रयोग करने आदि का विशेष तौर से ध्यान रखने के निर्देश दिये गये है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी.आर.मैत्री ने जानकारी देते हुए बताया, अब तक के आंकडों के अनुसार यह अभियान बेहतर स्थिति में दिख रहा है|,  इन्सेफेलाइटिस को जापानी बुखार के नाम से भी जाना जाता है| यह एक प्रकार का दिमागी बुखार है जो वायरल संक्रमण के कारण होता है| यह संक्रमण ज्यादा गंदगी वाली जगह पर पनपता है और  क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। जापानी इन्सेफेलाइटिस में बुखार होने पर बच्चे की सोचने, समझने, और सुनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है. तेज बुखार के साथ बार- बार उल्टी होती है। प्रायः यह वायरस 1 से 15 साल की उम्र के बच्चों को अपनी चपेट में लेता है।