breaking news New

नए ड्रोन नियमों से स्टार्टअप क्षेत्र को विशेष फायदा होगा: मोदी

नए ड्रोन नियमों से स्टार्टअप क्षेत्र को विशेष फायदा होगा: मोदी

नयी दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नए ड्रोन नियमों से देश में ड्रोन के क्षेत्र में नए युग का सूत्रपात होगा और इससे स्टार्टअप को विशेष रूप से फायदा मिलेगा।

 मोदी ने गुरुवार को सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि ड्रोन के बारे में नए नियम और कानून विश्वास तथा स्व प्रमाणन पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि नए नियमों में मंजूरी लेने, विभिन्न शर्तों को पूरा करने और अन्य बाधाओं को काफी हद तक कम किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नए ड्रोन नियम स्टार्टअप और इस क्षेत्र में काम करने वाले हमारे युवाओं के लिए बहुत अधिक मददगार साबित होंगे। इससे नवाचार और व्यवसाय के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी। साथ ही इससे नवाचार, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारत की मजबूती से देश को ड्रोन हब बनाने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि नागर विमानन मंत्रालय ने आज ही नए ड्रोन नियमों की घोषणा की है।

ड्रोन की उड़ान के लिए तीन रूट जोन हरा, पीला और लाल का निर्धारण किया गया है। नियमावली के प्रकाशन के 30 दिन के अंदर ये रूट मैप डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म दिखाई देने लग जाएगा। हरे जोन में ड्रोन के परिचालन के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। पीले जोन क्षेत्र को हवाईअड्डे की परिधि से 45 किलोमीटर से घटाकर 12 किलोमीटर कर दिया गया है। वाणिज्यिक इस्तेमाल नहीं किये जाने वाले माइक्रो और नैनो ड्रोन के परिचालन के लिए पायलट लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।

लाइसेंस लेने या निबंधन होने से पहले किसी सुरक्षा मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। भारतीय ड्रोन कंपनियों में विदेश स्वामित्व पर रोक नहीं होगी। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से ड्रोन के आयात के लिए मंजूरी लेना अनिवार्य नहीं होगा। ड्रोन के आयात का नियमन विदेश व्यापार महानिदेशालय करेगा। डीजीसीए ड्रोन प्रशिक्षण का आवश्यकता बताने के साथ ही ड्रोन स्कूल का संचालन एवं ऑनलाइन पायलट लाइसेंस उपलब्ध कराएगा।

डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर अधिकृत ड्रोन स्कूल से प्रमाण-पत्र मिलने के 15 दिन के अंदर डीजीसीएस रिमोट पायलट लाइसेंस जारी कर देगा। टाइप सर्टिफिकेट जारी करने के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद या अधिकृत जांच निकाय ही ड्रोनों की जांच करेगा। भारत में संचालित ड्रोन के लिए ही टाइप सर्टिफिकेट की जरूरत होगी। आयातित ड्रोन को इस प्रमाणीकरण एवं विशिष्ठ पहचान संख्या लेने की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है। साथ ही शोध के उद्देश्य से तैयार किये गये नैनो एवं मॉडल ड्रोन के लिए टाइप सर्टिफिकेट लेना आवश्यक नहीं होगा।

विनिर्माता एवं आयातक डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वप्रमाणित कर अपने ड्रोन के लिए स्वयं यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर जेनरेट कर सकते हैं। डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के जरिये ड्रोन के ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की राशि को घटाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। सरकार द्वारा ड्रोन संवर्द्धन परिषद का गठन किया जाएगा।