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किसानों को दोहरा लाभ, वर्मी कम्पोस्ट से लहलहा रही धान व सब्जी की फसल

किसानों को दोहरा लाभ, वर्मी कम्पोस्ट से लहलहा रही धान व सब्जी की फसल

रायगढ़ । गोठानों में बने वर्मी कम्पोस्ट की क्वालिटी इतनी बढिय़ा है कि इससे किसानों को एक तरफ  जहां फसलों के उत्पादन में लागत कम हो रही है। इसी तरह उन्हें उत्पादन ज्यादा होने पर दोहरा लाभ भी मिल रहा है। यह कहना है तमनार ब्लाक के राबो, जिवरी व सरायपाली गोठान से वर्मी कम्पोस्ट लेने वाले किसानों का। इसे देखते हुए कलेक्टर  भीम सिंह ने राबो गोठान का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर  सिंह ने गोठान समिति के कार्यों की तारीफ  की।
गोठान पहुंचकर कलेक्टर  सिंह ने सबसे पहले वर्मी कम्पोस्ट पिट की जानकारी ली। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सविता भारती ने बताया कि यहां 30 कम्पोस्ट पिट और 10 बेड का निर्माण कराया गया है, जहां से अब तक गोठान समिति के महिला स्व- सहायता समूह द्वारा 65 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बनाया गया है। इसमें से करीब 66 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री हो चुकी है। इसी तरह अप्रैल में 100 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट आसपास के किसानों को बिक्री करने का टारगेट रखा गया है। इसी तरह जिवरी गोठान से 182 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन और बिक्री किया गया। इससे महिला समूह को 70 हजार रुपए मिले। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती भारती ने बताया कि यहां पर गोबर के साथ पैरा, पेड़ों से गिरे पत्ते आदि को डालकर बनाया गया वर्मी कम्पोस्ट की क्वालिटी बहुत बढिय़ा है। सब्जी के साथ अन्य फसल उगाने वालों किसानों का अच्छा रिस्पांस आ रहा है। यही वजह है कि किसान वर्तमान में प्रयोग के तौर पर गोठान से वर्मी कम्पोस्ट ले रहे हैं और अपने फसलों पर उपयोग कर रहे हैं, जिसका बेहतर परिणाम उन्हें मिल रहा है। ग्राम आमापाली से  पेन सिंह राठिया ने धान की खेती में वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया।  पेन सिंह राठिया ने बताया कि यूरिया डालने से दूसरे दिन ही पौधों में हरा पन आ जाता था। इसके बाद पौधों में कीड़े लगने, बीमारी आने की दिक्कतें आती थी, लेकिन वर्मी कम्पोस्ट डालने से 10 से 12 दिनों में पौधों में हरा पन आता है। पौधे मजबूत होने के साथ रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होती है। इससे किसी तरह की बीमारी नहीं और अलग से दवाई का छिड़काव नहीं करना पड़ता है।
सराईपाली के कान्हू राम ने बताया कि उन्होंने मिर्ची के पौधों पर वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने करीब 8 क्यारी मिर्ची के पौधों पर वर्मी कम्पोस्ट डाला और दो क्यारी के में लगे मिर्ची के पौधों पर वर्मी कम्पोस्ट नहीं डाला। कुछ दिनों बाद उन्होंने पाया कि जिन पौधों में वर्मी कम्पोस्ट डाला गया था, वे मजबूत और लहलहा रहे थे। इसी तरह बिना वर्मी कम्पोस्ट वाले पौधे कमजोर थे और उनमें बीमारी भी लग गई। इसी तरह जिवरी गोठान समिति के सदस्यों ने प्याज और गोभी की सब्जी उगाने पर वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया। यहां वर्मी कम्पोस्ट डले गोभी और प्याज के पौधों से मजबूत और बड़े-बड़े हुए और किसी तरह का अन्य दवाई का छिड़काव नहीं करना पड़ा। इसके विपरीत जिन पौधों पर वर्मी कम्पोस्ट नहीं डाला गया वे कमजोर हुए। इस दौरान किसानों ने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट की क्वालिटी अच्छी है। इससे पौधों को अन्य बीमारी नहीं लगती और दवाई व अन्य खातू डालने से अतिरिक्त खर्चा नहीं करना पड़ता। इससे उन्हें किफायती के साथ उत्पादन भी अधिक मिल रहा है। इस पर कलेक्टर  सिंह ने गोठान समिति और कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती भारती के कार्यों की तारीफ  की। निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत डॉ.रवि मित्तल, एसडीएम अशोक मार्बल, नायब तहसीलदार सु अनुराधा पटेल, सरपंच, गोठान समिति के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
महिला समूह के बनाए गए उत्पाद को करेंगे ब्रांडिंग
गोठान निरीक्षण के दौरान महिला समूह द्वारा एनआरएलएम से जुड़े एनजीओ से ट्रेनिंग प्राप्त कर छीन झाड़ू, बांस झाड़ू, सिलाई, कड़ाई के उत्पाद, गुलदस्ते, साबुदाने के पापड़, सूची पापड़, बड़ी, दिया बत्ती आदि बनाए गए उत्पाद की प्रदर्शनी लगाई थी। महिलाओं ने बताया कि आसपास के गांव के लोगों द्वारा सामानों की खरीदारी की जाती है। सीईओ जिला पंचायत डॉ. रवि मित्तल ने सभी उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग करते हुए इन उत्पादों को प्रदर्शनी लगाकर बिक्री ज्यादा मात्रा में करने की बात कही। इस पर कलेक्टर  सिंह ने महिला समूह के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें मल्टी एक्टीविटी सेंटर से जोड़कर लोन दिलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर  सिंह ने कहा कि ज्यादा उत्पादन करने पर महिला समूह और उससे जुड़ी प्रत्येक महिला को ज्यादा आमदनी होगी।