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दंतेवाड़ा कलेक्टर के पहल पर यूनीसेफ व राज्य साक्षारता मिशन के जरिये शिक्षा का आगाज

दंतेवाड़ा कलेक्टर के पहल पर यूनीसेफ व राज्य साक्षारता मिशन के जरिये शिक्षा का आगाज

दंतेवाड़ा।  गीदम ब्लाक कोरोना काल में जिला प्रशासन कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में संचालित , यूनीसेफ व राज्य साक्षारता मिशन के संयुक्त प्रयास से दंतेवाड़ा जिला के गीदम विकासखंड में गांव में सीख कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। जिसमें प्रयोग समाज सेवी संस्था व शिक्षा विभाग की टीम मिल जुलकर समुदाय व पालकों को शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

सीख कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि कोविड 19 के समय मे स्कूलों के बंद होने की स्थिति में पालक व समुदाय के मदद से गांव के अंदर ही बच्चों को सीखने अवसर प्रदान करना है। क्योंकि बच्चे अपना अधिक समय पालकों व समुदाय के बीच बिताते हैं इसे ध्यान में रखकर सभी पारा मोहल्ला में स्वयंसेवी कार्यकर्ता के रूप में पढ़े लिखे युवाओं की टोली बनाई गई है जिन्हें सीख मित्र का नाम दिया गया। सीख मित्रों के द्वारा सीख केंद्र का संचालन किया जाता है जहाँ 10 से 12 के संख्या में बच्चों की नियमित उपस्थिति होती है, जिन्हें सीख मित्रों के द्वारा भाषा, गणित, विज्ञान जैसे विषयों में खेल व अन्य मनोरंजक गतिविधियों के द्वारा शिक्षा प्रदान की जा रही है। सीख मित्रों के द्वारा कोरोना से बचाव के नियमों का पालन भी करवाया जा रहा है जिसमे बच्चों व पालकों को फेस मास्क का उपयोग नियमित हाथ धुलाई व सामाजिक दूरी का पालन करवाने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह संस्था दंतेवाड़ा के चारों ब्लॉक में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में काम करेगीजिससे करो ना कॉल में भी बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा सके

गौरतलब है कि गांव के सभी सीख मित्र इस अभियान में निःशुल्क सेवा दे रहे हैं। उन्हें इस तरह से बच्चों के साथ स्वयं भी सीखने का अवसर मिल रहा है। इस कार्यक्रम का बहुत ज्यादा असर पालकों व समुदाय पर देखने को मिल रहा है। जहां कई प्रयासों के बाद भी पालकों को शाला से जोड़ने में कठिनाई आती थी आज इस कार्यक्रम के माध्यम से पालक स्वयं अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

जिला प्रशासन व यूनीसेफ के इस मुहिम से गांव में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है अब शिक्षा स्कूल तक सीमित ना रहकर हर घर तक पंहुच रही है।

पालकों व युवाओं को बच्चों से जुड़कर गतिविधियां संचालित करने के लिए यूनीसेफ द्वारा निर्मित विषय आधारित वीडियो और ऑडियो का उपयोग करते हुए प्रयोग समाजसेवी संस्था की टीम व शिक्षकों के द्वारा मदद किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाये जा रहे पढई तुंहर द्वार कार्यक्रम को मजबूती प्रदान कर रहा है पढई तुंहर द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत में समुदाय को शिक्षा से जोड़ने में आसानी हो रही है।

इस कार्यक्रम की गुणवत्ता को परखने के लिए गीदम के जनपद पंचायत गीदम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.पी. पटेल ने ग्राम पंचायत उपेट का आकस्मिक दौरा किया उनके साथ बस्तर संभाग के सीख कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र सिंह राजपूत भी उपस्थित थे…सीख केंद्र का अवलोकन के दौरान उन्होंने पाया कि सीख मित्र नीला कश्यप के द्वारा बड़े ही रोचक ढंग से बच्चों को शिक्षा में मार्गदर्शन दे रही है और बच्चे भी मजे से सीख मित्र के साथ गतिविधियां कर रहे हैं।