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वैक्सीन के बावजूद डेल्टा वेरिएंट भारत में दिखा रहा असर

वैक्सीन के बावजूद डेल्टा वेरिएंट भारत में दिखा रहा असर

नई दिल्ली: डेल्टा वेरिएंट इस वक्त चीन और कोरिया समेत दुनिया के कई देशों में महामारी को आगे ले जा रहा है.  कोरिया में नया उछाल डेल्टा प्लस के 417 एन म्यूटेशन से हो रहा है.कोरोना वायरस मामलों के सबसे घातक संक्रमणों में डेल्टा वेरिएंट  की बड़ी तादाद पाई गई है. ऐसा कहना है INSACOG का जो कि जिनोम सीक्वेंसिंग का काम करने वाली सरकारी लैब का समूह है. इस समूह ने भारत में लगातार बढ़ रहे कोविड  के  डेल्टा वेरिएंट, वैक्सीन  के कम होते असर और अतिसंवेदनशील आबादी को जिम्मेदार ठहराया है.

रोज आ रहे कोरोना केस में उछाल देखा जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस बीच सक्रिय मामले घटकर 3 लाख के करीब आ गए हैं जो 150 दिन में सबसे कम रहे और ये कुल संक्रमण का 1.12 फीसदी है. अभी तक देश भर में 57 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं. आर वैल्यू यानी पुनरुत्पत्ति दर 14-16 अगस्त के बीच गिरकर .89 पर आ गई.

लेकिन इसके बावजूद चिंता बनी हुई है क्योंकि हर दिन 25 हजार मामले देश में आ रहे हैं. टीका लगने के बाद नए वेरिएंट के असर को भी समझने का प्रयास किया जा रहा है. उदाहरण के लिए यूके में करीब 6.7 करोड़ की आबादी में अप्रैल 2021 से 18 लाख मामले और डेल्टा की वजह से वैक्सीन के बाद हुए 1.2 लाख मामले सामने आए हैं. इसलिए डेल्टा के दौरान वैक्सीन के बाद भी मामले आने की आशंका को टाला नहीं जा सकता.

गौरतलब है कि भारत में मार्च ले लेकर मई महीने के बीच में आई दूसरी लहर के लिए डेल्टा वेरिएंट को ही जिम्मेदार बताया गया है. वायरस के इस वेरिएंट ने लाखों को संक्रमित किया और हजारों की जान ली. भारत में महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस के नए वेरिएंट एक फीसदी की तेजी से जुलाई में लिए गए सैंपल में दिखे. जानकारों के मुताबिक अब तक पूरे देश में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 61 सैंपल की पहचान हुई है.