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चीटफंड घोटालाः ममता के मंत्री पार्थ चटर्जी नहीं पहुंचे तो दफ्तर पहुंची CBI की टीम

चीटफंड घोटालाः ममता के मंत्री पार्थ चटर्जी नहीं पहुंचे तो दफ्तर पहुंची CBI की टीम

नई दिल्ली। बंगाल के कोलकाता में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम आई-कोर चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के मंत्री पार्थ चटर्जी के कार्यालय पहुंची है।

दरअसल, पहले CBI ने सीएम ममता बनर्जी के उद्योग मंत्री और सत्तारूढ़ टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी  को पूछताछ के लिए जांच एजेंसी के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय में तलब किया था, लेकिन पार्थ चटर्जी हाजिर नहीं हुए और सीबीआई को पत्र लिखकर कहा कि भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव के कारण वह हाजिर होने में असमर्थ हैं। उसके बाद सीबीआई के अधिकारी उद्योग भवन के उनके कार्यालय में पहुंचे और उनसे पूछताछ शुरू हुई है।

पार्थ चटर्जी ने सीबीआई को लिखे पत्र में उपचुनाव में व्यस्तता के अलावा यह भी कहा था कि वह वृद्धावस्था के कारण नहीं जा पा रहे हैं। सीबीआई चाहे तो उनके घर आकर उनसे पूछताछ कर सकती है।

गौरतलब है कि सीबीआई से पहले अप्रैल में भी प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें नोटिस भेजा था, लेकिन वह चुनाव प्रचार में व्यस्त होने का हवाला देकर जांच एजेंसी के दफ्तर में नहीं गए थे। पार्थ चटर्जी के अलावा पूर्व तृणमूल पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को भी तलब किया गया है। वह कोलकाता के 101 नंबर वार्ड के पार्षद रहे हैं।

खबर है कि बप्पादित्य और पार्थ के आइकोर चिटफंड कंपनी के प्रमुख के साथ बहुत अच्छे संबंध थे। दरअसल, चटर्जी जिस नाकतल्ला दुर्गा पूजा कमेटी के प्रमुख हैं उसे आइकोर कंपनी स्पांशर करती थी। एक वीडियो में पार्थ चटर्जी आइकोर के कार्यक्रम मंच पर संबोधन करते हुए नजर आ रहे हैं जिसमें वह कंपनी की सराहना कर रहे हैं। बाद में इस कंपनी ने बंगाल, ओडिशा, असम, झारखंड और बिहार के लाखों लोगों के करोड़ों रुपये गबन कर लिए थे।