breaking news New

सरगुजा के वरिष्ठ जनों को मानव रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया

सरगुजा के वरिष्ठ जनों को मानव रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया

अम्बिकापुर, 29 मई। मानव कल्याण एवं सामाजिक विकास संगठन के वार्षिक अधिवेशन 2021 में सरगुजा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया । इस अवसर पर गूगल मीट पर आयोजित अधिवेशन सम्मान समारोह में संगठन के संस्थापक अध्यक्ष उमेश कुमार पांडेय के द्वारा जगदीश प्रसाद पांडेय वरिष्ठ अधिवक्ता जिला सत्र न्यायालय अंबिकापुर एवं सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी , श्री ललित मिश्रा जी  वरिष्ठ साहित्यकार  शिवम शिक्षाविद, डॉ एस के श्रीवास्तव प्राध्यापक भौतिक शास्त्र विभाग , डॉक्टर जय नारायण पांडेय विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर, ब्रह्मा शंकर सिंह वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद, सुधीर पाठक वरिष्ठ साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी, रंजीत सारथी जी वरिष्ठ साहित्यकार एवं लोकगीतकार अंबिकापुर सरगुजा के द्वारा विविध क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों एवं अपने दायित्वों के निर्वहन में सदैव ही तत्पर रहने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक साहित्यिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्यों को किया जाता रहा है, साथ ही इनके द्वारा सरगुजा की पावन धरती मां महामाया की नगरी की छत्तीसगढ़ राज्य की नहीं बल्कि विभिन्न आयोजन व्याख्यानमाला के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बनाने में महत्वपूर्ण योगदानो को देखते हुए मानव कल्याण एवं सामाजिक विकास संगठन द्वारा सह  सम्मान मानव रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया साथ ही अनूप मिश्रा वरिष्ठ समाज सेवक, अरुण मिश्रा वरिष्ठ समाज सेवक वरिष्ठ अधिवक्ता , अरविंद मिश्रा  के साथ कई समाजसेवी विशिष्ट जनों को मानव सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया  और इस अवसर पर सभी ने अपने कार्यों को बता कर लोगों को प्रेरणा देने का प्रयास किया 

इस अवसर पर संगठन के सभी पदाधिकारी प्रबंधन समिति के पदाधिकारी एवं अन्य लगभग 103 विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए जाने वाले बौद्धिक जनों साहित्यकारों रचनाकारों को सम्मानित किया गया

अधिवेशन के दौरान आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर एस. के. श्रीवास्तव ने समस्त पदाधिकारी एवं उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए यह बताया सरगुजा छत्तीसगढ़ में बहुत शोध की बहुत सारी संभावनाएं हैं प्रतिभावानो का सम्मान करना और उन्हें मंच प्रदान करना एक सराहनीय पहल है,  संगठन के संरक्षक श्री जगदीश प्रसाद पांडे जी के द्वारा क्या कहा गया कि मां महामाया की पावन नगरी सरगुजा ही नहीं बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक वातावरण, सांस्कृतिक व  ऐतिहासिक धरोहरों से वातावरण से परिपूर्ण रहा है औषधियों  के उत्पादन व व्यापार की भरपूर संभावनाएं हैं और उस पर कार्य किया जा रहा है सोच का भी विषय है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ललित मिश्रा जी ने संबोधन में बताया कि वर्तमान परिस्थितियों ने हम सभी को जीने का मार्ग दिखलाया है,  विशिष्ट अतिथि ब्रह्मा शंकर सिंह के द्वारा वर्तमान परिवेश में नैतिक साहित्यिक व सामाजिक परिवर्तन हुवे है  ऐसे समय  घर के वृद्ध जनों का सम्मान करने की बात कही गई, सुधीर पाठक के द्वारा कहा गया कि लेखक समाज का दर्पण होता है और समाज को प्रेरित करता है रंजीत शर्मा जी के द्वारा कहा गया कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभावान  की कोई कमी नहीं है उन्हें प्रोत्साहन और मंच प्रदान करना एक सराहनीय पहल है. डॉक्टर जय नारायण पांडेय के द्वारा यह कहा गया कि मानव कल्याण के लिए आध्यात्मिक समाजवाद की जरूरत है और एक समान आर्थिक परिवेश स्थापित होनी चाहिए

कार्यक्रम का शुभारंभ पूनम दुबे के द्वारा मां सरस्वती वंदना व आशा पांडेय के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गीत प्रस्तुति के साथ शुभारंभ किया गया,  सफल संचालन आशा उमेश पांडेय, सुशीला साहू, माधुरी जयसवाल  के द्वारा किया गया व मंशा शुक्ला के द्वारा आभार व्यक्त किया गया किया गया ।

इस अवसर पर डॉक्टर ए के श्रीवास्तव सुनील दत्त मिश्र, अंजन सिंह, राहुल जैन,  बीसे लाल अनुराग पांडेय, नलिनी बाजपेयी, विनोद गुप्ता, अनुपा सिन्हा  मनीषा दास,  मिनी पांडेय, चंद्र भूषण मिश्र , अर्चना पाठक,  मनोज पांडेय, वनवासी यादव, सर्वेश पांडेय, आदित्य वर्मा,  डॉ दिलीप गुप्ता तरुण धर दीवान, डॉक्टर स्नेहलता बर्डे, प्रतीक शर्मा, अंचल सिन्हा, अरविंद मिश्रा, रश्मिलता मिश्रा, अनीता झा, सीमांचल त्रिपाठी, सहित भारी संख्या में साहित्यकार कवि प्राध्यापक गण व संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे ।