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भगवान श्री राम का चरित्र ही वेदों की प्रायोगिक व्याख्या है - डीपेन्द्र साहू

भगवान श्री राम का चरित्र ही वेदों की प्रायोगिक व्याख्या है - डीपेन्द्र साहू

धमतरी।  वेद परमात्मा का ही रूप है। वेदों में शब्द ब्रम्हा तथा सूत्रात्मक व्याख्या है। भगवान राम का चरित्र ही वेदों की प्रायोगिक व्याख्या है। इसलिये जो राम जी ने कहा वही वेद है।


        उक्त विचार बैगापारा दानिटोला वार्ड धमतरी में आयोजित तीन दिवसीय संगीतमय मानस गान सम्मेलन के समापन समारोह व पुरुस्कार वितरण के अवसर पर धमतरी विधायक के प्रतनिधि  डीपेन्द्र साहू ने रखी। समस्त श्रोताओं को रामनवमी की बधाई देते हुए कहा कि जिन्हें वेदों का ज्ञान नही वे रामचरित मानस को पढ़े।उसे वेद पढ़ने का ही सम्पूर्ण पूण्य प्राप्त होता है। उन्होंने सनातन धर्म को शाश्वत धर्म बताते हुए कहा कि जिस प्रकार वेदों में बहुदेव वाद है।उसी प्रकार रामचरित मानस में भी सभी देवताओं का सम्मान किया है।

    धमतरी शहर मंडल अध्यक्ष श्री विजय साहू ने कहा कि दानिटोला , महिमा सागर,जालमपुर और विंध्यवासिनी वार्ड के समस्त वार्ड वासियों के तत्वाधान में यह आयोजन भाई चारे व एकता की मिसाल है। मानस मंच भगवान राम के चरित्र व चित्रण को प्रसारित करने का सशक्त माध्यम है। 


      इस अवसर पर अज्जू देशलहरे पार्षद, नरेंद्र साहू, राकेश साहू, पन्ना थावाईत,वीरेन्द्र साहू, एन. आर.यादव, अरुण देवांगन,राम कुमार साहू एवं वार्डवासी उपस्तिथ थे।