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sc / st वर्गो के पदोन्नति में आरक्षण बहाली की मांग, क्वांटिफायबल डेटा कमेटी चेयरमेन को सोशल जस्टिस एंड लीगल फॉउंडेशन प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

 sc / st वर्गो के पदोन्नति में आरक्षण बहाली की मांग,   क्वांटिफायबल डेटा कमेटी चेयरमेन को सोशल जस्टिस एंड लीगल फॉउंडेशन प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन


 जनधारा समाचार |

 

रायपुर - अनुसूचित जाति व जनजाति वर्गो के पदोन्नति में आरक्षण बहाली की मांग को लेकर सोशल जस्टिस एंड लीगल फॉउंडेशन के सदस्य विनोद कुमार एवं अमित मेश्राम ने नेतृत्व प्रतिनिधिमंडल ने आज मंत्रालय में क्वांटिफायबल डेटा कमेटी के चेयरमेन मनोज कुमार पिंगुआ को ज्ञापन सौंपा | प्रतिनिधिमंडल का मांग है कि एक वर्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट व हाइकोर्ट के शर्तो को पूरा करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने क्वांटिफायबल डेटा कमेटी गठित की गई हैं जिसकी रिपोर्ट आज तक सामान्य प्रशासन विभाग में प्रस्तुत नही की गई हैं |

 

सोशल जस्टिस एंड लीगल फॉउंडेशन के मेंबर विनोद कुमार कोशले ने बताया कि हमारी संस्था द्वारा क्वांटिफायबल डेटा कमेटी की रिपोर्ट को विधिक शर्तो के अनुरूप पदोन्नति में विस्तार से नियम बनवाने के लिए लगातार सामान्य प्रशासन विभाग व क्वांटिफायबल डेटा कमेटी से कई बार मुलाकात एवं पत्रचार के माध्यम से कमेटी की रिपोर्ट अविलम्ब प्रस्तुत करने के लिए आग्रह करते आ रहे है | बावजूद इसके आज पर्यंत तक रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग में पेश नही किया गया हैं ।



अमित मेश्राम ने बताया कि रिजेर्वेशन इन प्रमोशन रूल देश भर में खत्म नहीं हुआ है। हमारे स्टेट में केवल रोस्टर में रोककर रखे हुए है । क्वांटिफाइबल डाटा रिपोर्ट आ जाने व हाईकोर्ट से फैसले के बाद पदोन्नति में रिजर्वेशन लागू हो जायेगा तो ऐसी स्थिति में अब तक अनारक्षित वर्ग में हुए सभी में पदों की भरपाई कैसे होगी इसके साथ ही पीएससी सचिव को विजय कुमार कोराम मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा आए स्टेटस को सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा स्टैंडिंग कॉउंसिल से मांगे गए अभिमत की जानकारी मांगी गई। जिस पर लोक सेवा आयोग में महाधिवक्ता कार्यालय से फरवरी 2020 में आए अभिमत की जानकारी हमारे समक्ष रखी गई ।

ज्ञात हो कि सोशल जस्टिस एंड लीगल फॉउंडेशन के द्वारा दिए गए पत्र के आधार पर स्टेटस अभिमत लेने लोक सेवा आयोग के द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया है। अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष के समक्ष संस्था द्वारा अब तक दिए गए पत्र पर कार्यवाही की जानकारी मांगी गई। जिस पर कमिटी के चेयरमेन मनोज पिंगुआ ने कहा मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं आदिम जाति विभाग के सचिव को रोस्टर पदों को सुरक्षित करने व व्याख्याता पदों की पदोन्नति में केवल अनारक्षित  रोस्टर पदों पर भर्ती करने अनुशंसा किया जायेगा । ऐसी स्थिति में अब तक अनारक्षित वर्ग में हुए सभी में पदों की भरपाई कैसे होगी इसके साथ ही पीएससी सचिव को विजय कुमार कोराम मामले में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा आए स्टेटस को सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा स्टैंडिंग कॉउंसिल से मांगे गए अभिमत की जानकारी मांगी गई। जिस पर लोक सेवा आयोग में महाधिवक्ता कार्यालय से फरवरी 2020 में आए अभिमत की जानकारी हमारे समक्ष रखी गई ।

ज्ञात हो कि सोशल जस्टिस एंड लीगल फॉउंडेशन के द्वारा दिए गए पत्र के आधार पर स्टेटस अभिमत लेने लोक सेवा आयोग के द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया है। अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष के समक्ष संस्था द्वारा अब तक दिए गए पत्र पर कार्यवाही की जानकारी मांगी गई। जिस पर कमिटी के चेयरमेन मनोज पिंगुआ ने कहा मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं आदिम जाति विभाग के सचिव को रोस्टर पदों को सुरक्षित करने व व्याख्याता पदों की पदोन्नति में केवल अनारक्षित  रोस्टर पदों पर भर्ती करने अनुशंसा किया जायेगा ।