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कोविड संक्रमण के बीच कर्मियो के हित के लिए एनएमडीसी में इंटक से सबंध यूनियनो की वर्चुअल बैठक

कोविड संक्रमण के बीच कर्मियो के हित के लिए एनएमडीसी में इंटक से सबंध यूनियनो की वर्चुअल बैठक

टीकाकारण, अनुकंपा नियुक्ति, स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने, सहायता राशि सहित अन्य मुद्दो पर चर्चा
बचेली-  कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में खतरनाक ढंग से बढ़ रहे संक्रमण पर चिंता व्यक्त करते हुए कोविड से संबंधित मुद्दो पर गहन विचार विमर्श कर कर्मचारियेा के हित में विभिन्न मांगों  को लेकर एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन के माध्यम का उठाने का निर्णय एनएमडीसी इंटक से संबंध यूनियनो की वर्चुअल बैठक में लिया गया। मध्यप्रदेश राष्ट्ीय हीरा खदान मजदूर संघ इंटक के महामंत्री समर बहादुर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में बचेली, किरंदुल, दौणामलै, पन्ना, नगरनार, हैदराबाद, पालोंचा, विशाखापट्टन तथा रायपुर के इंटक के पदाधिकारी शामिल हुए।
         मेटल माईन्स वर्कर्स यूनियन इंटक के महामंत्री आशीष यादव एवं एमएमडब्ल्यूयू शाखा किंरदुल के तदर्थ समिति के सचिव एके सिंह ने बताया कि बैठक में कर्मियो के टीकाकारण, अनुकंपा नियुक्ति, स्थानीय अस्पतालो में स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाने, सहायता राशि संबंधी विषयो पर चर्चा हुई। बताया कि अब तक 9 एनएमडीसी कर्मियो की मौत कोविड संक्रमण से हो चुकी है। आॅल इंडिया एनएमडीसी वर्कर्स फेडरेशन के माध्यम से मंाग उठाई गई है कि जिन कर्मचारियो की कोविड 19 से मृत्यु हुई है, उनके आश्रित परिजनो को कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। लेकिन अभी तक सकारात्मक निर्णय नही लिया गया है, जिसे फेडरेशन के माध्यम से दुबारा पुरजोर तरीके से उठाया जायेगा।
         एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा टीकाकारण के लिए सरकार पर निर्भर न रहते हुए स्वयं टीका खरीद कर अपने कर्मियो, ठेका श्रमिको और उनके आश्रित परिजनो को जल्द से जल्द टीकाकारण करवाया जाये। साथ ही कंपनी द्वारा टीकाकारण के लिए विशेष अवकाश देने के आदेश में टीकाकारण के दि नही अवकाश का प्रावधान किया गया है। इस आदेश में सुधार कते हुए अवकाश टीकाकारण का दिन या उसके अगले दिन देने हेतु संशोधन किया जाये।
        परियेाजना से कोरोना से संक्रमित व्यक्तियो को हैदराबाद, बैंग्लोर, विशाखाप्टनम, रायपुर व दिल्ली जैसे शहरो में इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है। वर्तमान स्थिति में अस्पतालो में बेड के लिए बढ़ते दवाब के वजह से अस्पतालो द्वारा मरीजो की स्थिति में आशिक सुधार होने के बाद उन्हे होम क्वारंेटीन, आईसोलेशन में रहने का सुझााव देते हुए अस्पताल से छुट्टभ्ी दी जा रही है। वापस घर लौटने के कुछ दिन बार दुबारा स्वास्थ्य खराब हो रहा है। इन बड़े शहरो में क्वारेंटीन सुविधा प्रदान कर होटले से टाईअप कर डिस्चार्ज मरीजो को डाॅक्टरी सलाह  पर वहाॅ रखने का इंतजाम किया जाये।  लाॅकडाउन के कारण सार्वजनिक परिवहन बंद रहने के कारण बड़े शहरो में इलाजरत मरीज को डिस्चार्ज होने के बाद वापस घर आने हेतु साधन उपलब्ध नही होते है। मरीजो को उनके घर भेजने एनएमडीसी के क्षेत्रीय कार्यालयो द्वारा वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाये।
         एनएमडीसी कर्मी की मृत्यु कोविड संक्रमण से होने पर अंतिम संस्कार हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को दुगुना किया जाये। संक्रमित कर्मचारियेा को एकमुश्त बीस हजार सहायता राशि दिया जाये। संक्रमण की स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने तक प्रत्येक कर्मचारिाये को दो हजार रूपये प्रतिमाह मास्क, सेनिटाईजर की खरीदी हेतु प्रदान की जाये। जिन कर्मियो की मृत्यु कोविड 19 संक्रमण से हुई है उनके परिजनो को प्रबंधन द्वारा घोषित 15 लाख रूपये की सहायता राशि का भुगतान जल्द से जल्द किया जाये। इसके अलावा पन्ना दौणोमलै परियोजना अस्पताल में तत्काल सीटी स्कैन व वेंटीलेटर खरीदे जाये। साथ ही दोनो परिेयोजना के लिए तत्काल 4 जीवन रक्षक उपकरणो से सुसज्जित एम्बुलेंस खरीदी जाये। इसके अलावा दौणोमलै कर्नाटक में उत्पादन बंद रहने के दौरान वहाॅ के 11 कर्मचारियो का स्थानांतरण बचेली, किरंदुल व नगरनार किया गया था। उत्पादन पुनः प्रारंभ होनेके बाद अभी तक इन कर्मियो का स्थानंतरण दौणामलै में नही किया गया है।