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राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन का 28 को आंदोलन

राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन का 28 को आंदोलन

बिलासपुर जिले से हजारों की संख्या में शामिल होंगे सहायक शिक्षक

वेतन विसंगति दूर कर क्रमोन्नति/उच्चतर वेतनमान होगा एकमात्र मांग

बिलासपुर, 27 अक्टूबर। प्रदेश के लाखो सहायक शिक्षक अपने प्रथम पदस्थापना 1998 के समय 23 वर्षों से ही एक ही पद और एक ही वेतनमान में कार्य करने की शोषण पूर्ण सरकार की नीति को लेकर राज्य के भूपेश सरकार के विरुद्ध 28 अक्टूबर को आंदोलन का बिगुल फुकेंगे।

छग सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक शिव सारथी ने बताया कि राज्य के 1 लाख 68 हजार एल बी संवर्ग के शिक्षक जो पंचायत से शिक्षा विभाग में आए है आज 23 साल बाद भी सहायक शिक्षक के न्यूनतम वेतनमान 4000 हजार के बेसिक पर काम करने मजबूर है यह मज़बूरी राज्य शासन के आर्थिक शोषण और दमनकारी नीति के कारण बना हुआ है जबकि आज 10 वर्ष पूर्व भृत्य के पद पर न्यूक्त हुआ व्यक्ति बाबू बन गया है कलेक्टर बना आईएएस मंत्रालय में सचिव का पद और उच्च वेतनमान ले रहा है पर राज्य का शिक्षक आज भी वही है तंगहाली कि जिंदगी जी रहा है जो 1998 में 500 रुपए से सेवा प्रारंभ किया था।ऐसा नहीं है कि शिक्षकों को पदोन्नति और उच्चतर वेतनमान नहीं दिया गया बकायदा उन्हें सहायक शिक्षक से शिक्षक के पद पर पदोन्नति देकर मिडिल स्कूल शिक्षको का अपर वेतनमान दिया गया वह भी उच्च पद के साथ और जिनका पदोन्नति नहीं हुआ उन्हें 2011 में पदोन्नत शिक्षक (मिडिल स्कूल शिक्षक)के समान उच्च वेतनमान दिया गया। फिर 2012 में क्रमोन्नत के स्थान  स्नातक सहायक  शिक्षकों को 7 वर्ष में त्था 10 वर्ष में गैर स्नातक ऐसे सहायक शिक्षक जिन्हे राज्य शासन ने पदोन्नति नहीं दे पाए उन्हें    समयमान वेतनमान जो उच्चतर वेतनमान ही है दिया गया अब जब प्रदेश के सहायक शिक्षक उच्च वेतनमान का लाभ ले लिए तो राज्य शासन ने इनके आर्थिक लाभ को रोकने के लिए 2013 में नियमित शिक्षक के समतुल्य वेतनमान 4000-100-7000 में वापस निर्धारित कर इनका आर्थिक नाकेबंदी कर दिया गया जबकि इनका वेतनमान समयमान के अनुसार 5000-150-8000 में था इस हिसाब से सहायक शिक्षको का पुनरीक्षित वेतनमान 9300+ 4200 ग्रेड पे होना था पर शासन ने 4000 मानकर 5200+2400 के दिया जो सरासर गलत था जिसके खिलाफ राज्य का सहायक शिक्षक गलत वेतन निर्धारण को सुधार करने के लिए लगातार आंदोलन,धरना,प्रदर्शन और ज्ञापन के साथ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ समस्त राज्य मंत्रियों मुलाकात कर लिखित मांग करते हुए उन्हें विसंगति से अवगत कराते आ रहे है निराकरण नहीं होने पर 28 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में एक दिवसीय मौन पैदल जुलूस रायपुर बूढ़ा तालाब से मुख्यमंत्री निवास तक निकलेगा और ज्ञापन/मांग पत्र देकर समस्या समाधान कि मांग करेगा।इस आंदोलन में बिलासपुर जिले से भी बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक 28 तारीख को रायपुर कुच करेंगे।

बिलासपुर के जिले से प्रांतीय संयोजक शिव सारथी,जिलाध्यक्ष ढोला राम पटेल जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शाहिदा खान, जिला सचिव विनोद कोसले,जिला प्रभारी विनोद गोयल,जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार gdhewal, जिला कार्यकारी अध्यक्ष अमलेश पाली,महासचिव संतोष बंजारे ,जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद साहू,तुलसी श्रीवास,जिला प्रवक्ता मिथलेश दिनकर,शशिकांत कौशिक,मीडिया प्रभारी,संतोष कुर्रे,रामप्रसाद साहू,जिला महामंत्री राजेश सिंह ठाकुर, जोगेंदर सिंग पैकरा,जयप्रकाश द्विवेदी,संगठन सचिव कोमल कोसले,मनोज कुर्रे,संगठन सह सचिव सुख चैन कोसले,बालमुकुंद बघेल,जिला प्रभारी सचिव अरुण प्रजापति,गणेश प्रसाद राठौर,ब्लाक अध्यक्ष अशोक कुर्रे तखतपुर,प्रमोद कीर्ति मस्तूरी,राजकुमार कोरी कोटा संजय कौशिक बिल्हा सीपत प्रभारी चुरावन तरुण सहित समस्त संकुल ब्लाक व जिला के सहायक शिक्षकों ने सभी को आंदोलन में सहभागिता निभाने की अपील किया है।