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SCO सम्मेलनः द्विपक्षीय मुद्दों को एससीओ एजेंडा में लाना शंघाई स्पिरिट का उल्लंघन- मोदी

SCO सम्मेलनः द्विपक्षीय मुद्दों को एससीओ एजेंडा में लाना शंघाई स्पिरिट का उल्लंघन- मोदी

नई दिल्ली, 10 नवंबर।  शंघाई सहयोग संगठन की बैठक को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से आतंकवाद और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में आवाज उठाई है. मोदी ने कहा, ‘भारत का शांति, सुरक्षा और समृद्धि पर दृढ़ विश्वास है.’

उन्होंने कहा, ‘हमने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में आवाज उठाई है. भारत एससीओ चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार एससीओ के तहत काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ एजेंडा में बार-बार अनावश्यक रूप से द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास हो रहे हैं, जो एससीओ चार्टर और शंघाई स्पिरिट का उल्लंघन करते हैं.’ उन्होंने कहा कि एकदूसरे की संप्रभुता को ध्यान में रखना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास एससीओ को परिभाषित करने वाली सर्वसम्मति और सहयोग की भावना के विपरीत हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एससीओ की इस बैठक के आयोजन की बधाई दी. मोदी ने उम्मीद जताई की अगले साल महामारी मुक्त माहौल में भारत एससीओ फूड फेस्टिवल की मेजबानी करेगा.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिंपिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल थे.

‘संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अधूरा’

संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में बदलाव की भी भारतीय प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से मांग उठाई है. संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भी उन्होंने ऐसा कहा था.

उन्होंने एससीओ की बैठक में कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य अभी अधूरा है. संयुक्त राष्ट्र ने अपने 75 साल पूरे किए हैं लेकिन अनेक सफलताओं के बाद भी उसका मूल लक्ष्य अधूरा है.’

उन्होंने कहा, ‘महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आए. एक ‘रिफार्म्ड मल्टीलेटरलिज्म’ जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाए, जो सभी स्टेकहोल्डर्स की अपेक्षाओं, समकालीन चुनौतियों और मानव कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा करे.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस प्रयास में हमें SCO सदस्य राष्ट्रों का पूर्ण समर्थन मिलने की अपेक्षा है.

नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान भारत के प्रयासों का भी जिक्र किया और कहा कि आत्मनिर्भर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए फोर्स मल्टिप्लायर साबित होगा.

मोदी ने कहा, ‘अभूतपूर्व महामारी के इस अत्यंत कठिन समय में भारत के फार्मा उद्योग ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाएं भेजी हैं.’

उन्होंने कहा, ‘दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपनी वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग इस संकट से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने के लिए करेगा.’