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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते विवेक तिवारी का लंबी बीमारी के बाद निधन, महज दो साल में तिवारी परिवार के तीसरे सदस्य की मौत

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते विवेक तिवारी का लंबी बीमारी के बाद निधन, महज दो साल में तिवारी परिवार के तीसरे सदस्य की मौत

रीवा, 27 मार्च।  विंध्य क्षेत्र के कददावर नेता व कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीनिवास तिवारी के पोते विवेक तिवारी उर्फ बबला का लंबी बीमारी के चलते दिल्ली में शनिवार की सुबह करीब 11.30 बजे निधन हो गया। बताया गया कि कांग्रेस नेता बबला को लीवर और किडनी में इंफेक्शन होने पर एक पखवाड़े पहले दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही थी। डॉक्टर लगातार वेंटीलेटर पर रखकर उपचार कर रहे थे। इसके बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और शनिवार को उनका निधन हो गया। विंध्य क्षेत्र की जनता ने महज दो साल में तिवारी परिवार के तीसरे सदस्य को खो दिया है।

सफेद शेर का सबसे प्यारा पोता था बबला

बता दें कि रीवा जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र के तिउनी गांव निवासी श्रीनिवास तिवारी का जन्म 17 सितम्बर 1926 को गरीब किसान परिवार में हुआ था। वे 2 फरवरी 1999 से 12 दिसम्‍बर 2003 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्‍यक्ष रहे। वे देश दुनिया में सफ़ेद शेर के नाम से मसहूर थे, क्योंकि दुनिया का पहला बाघ मोहन विंध्य क्षेत्र में ही पाया गया था। साथ ही श्रीनिवास तिवारी की आंखों की भौहे शुरुआती दौर से ही सफेद थी। वे हर पल सफेद बालों के साथ सफेद कुर्ता और पायजामा पहनते थे। शेर जैसी दहाड़ और अधिकारियों में धमक ऐसी थी कि लोग सफेद शेर कहने के लिए मजबूर हो गए। उनका निधन 19 जनवरी 2018 को दिल्ली में हो गया था।उन्हीं का सबसे प्यारा पोता बबला था। तत्कालीन कांग्रेस की सरकार में विंध्य क्षेत्र पर बाबा और पोते की जोड़ी ही चलती थी, क्योंकि बबला के पिता अरुण तिवारी का निधन बबला के जन्म के महज कुछ साल बाद ही हो गया था। ऐसे में बबला की परवरिस श्रीनिवास तिवारी ने ही की थी।

चाचा रहे एक बार सांसद और विधायक

राजनीति के जानकारों ने बताया कि श्रीनिवास तिवारी के दो बेटे थे। पहला बेटा अरुण तिवारी थे, जिनका पुत्र विवेक तिवारी बबला थे। वहीं दूसरे बेटे स्वर्गीय सुंदरलाल तिवारी थे, जो एक बार रीवा लोकसभा से सांसद और गुढ विधानसभा से एक बार विधायक रहे। उनका जन्म 13 दिसम्बर 1957 को हुआ, लेकिन 63 वर्ष की आयु में 11 मार्च 2019 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जिनके पुत्र राज तिवारी है जो 2019 में कांग्रेस की ओर से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके है। बबला तिवारी भी 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा सिरमौर क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके थे, वहीं उनकी पत्नी भी 2018 में सिरमौर क्षेत्र से कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है।