breaking news New

खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके दिल्ली में प्रदूषण के बीच अहम फैसला, दिल्ली में इस बार नहीं जलेंगे पटाखे

खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके दिल्ली में प्रदूषण के बीच अहम फैसला, दिल्ली में इस बार नहीं जलेंगे पटाखे

नईदिल्ली। दिल्ली इस वक्त दोहरे खतरे से गुजर रही है. राजधानी के आसमान में छाए जहरीले धुएं ने दिल्ली को गैस चैंबर में तब्दील कर दिया है. खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके दिल्ली में  प्रदूषण के बीच केजरीवाल सरकार ने अहम फैसला लिया है. उन्होंने  पटाखे जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. सरकार ने ग्रीन क्रैकर्स को भी बैन कर दिया है. 

 बढ़ते प्रदूषण और कोरोना को लेकर सीएम केजरीवाल  ने आज बैठक बुलाई थी. इसमें, स्वास्थ्य अधिकारी और सभी डीएम भी थे. त्योहारों के कारण भीड़ और प्रदूषण के चलते कोरोना वायरस का खतरा बढ़ा रहा है. दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोविड-19 बेड रिजर्व रखने के आदेश को हाई कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया गया. 

दिल्ली में  खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में विजिबिलिटी घट कर 500 मीटर रह गई है. गुरुवार को राजधानी में अलग-अलग जगहों पर AQI लेवल 400-700 रिकॉर्ड किया गया.

दिल्ली में गुरुवार सुबह से ही एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर है. ज्यादातर इलाकों में एक्यूआई 500 के पार चला गया है. ये हवा में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को दिखा रहा है. बता दें कि 0 और 50 के बीच  AQI को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में वायु प्रदूषण पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि हम देख रहे हैं चारों तरफ आसमान धुएं से भरा हुआ है. इसकी वजह से कोरोना की स्थिति और खराब हो रही है.  उन्होंने कहा कि जिस तरह हमने पिछले वर्ष दीपावली पर पटाखे नहीं जलाने का संकल्प लिया था , उसी तरह इस साल भी हम साथ मिलकर दिवाली मनाएंगे लेकिन पटाखे नहीं जलाएंगे.