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किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान भड़की हिंसा में 300 से ज्यादा पुलिस वाले घायल

किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान भड़की हिंसा में 300 से ज्यादा पुलिस वाले घायल

नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में जगह-जगह पर हुई किसान हिंसा में पुलिस के 300 से ज्यादा जवान और ऑफिसर घायल हो गए। उधर, हिंसा में पुलिस को हुए नुकसान की समीक्षा के लिए पुलिस कमिश्नर अपने वरीय अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। मूलत: पंजाब और हरियाणा से जुड़े किसानों ने ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली के कई इलाकों में जमकर बवाल काटा और पुलिस वालों पर लाठी-डंडों और पत्थरों स प्रहार किए। अब कहा जा रहा है कि आततायी किसानों की चपेट में आकर 300 से भी ज्यादा पुलिस वाले घायल हुए हैं।

26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड को शांतिपूर्ण रखने को लेकर दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने दिल्ली पुलिस से तय रूट पर ही बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर रैली निकालने का वादा किया था। हालांकि, पुलिस से किए वादे के उलट राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी जैसे किसान नेताओं ने अफवाहों के जरिए किसानों को न केवल भड़काया बल्कि उनसे लाठी-डंडों के साथ दिल्ली पहुंचने की भी अपील की।

इसका परिणाम यह हुआ कि उपद्रवी किसानों के जत्थे ने लाल किले पर कब्जा कर लिया। वहां, सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं और पुलिस वाले जान बचाने के लिए गहरे गड्ढे में कूदते दिखे। लाल किले पर इस उपद्रव का वीडियो वायरल हो रहा है। बहरहाल, उपद्रवियों ने आईटीओ, अक्षरधाम, सराय काले खां, इंद्रप्रस्थ मेट्रो, गाजीपुर बॉर्डर आदि पर भी जमकर बवाल काटा। वो पुलिस वाले को रौंदने से भी बाज नहीं आ रहे थे। वो तो पुलिस वाले भाग खड़े हुए, वरना उनपर ट्रैक्टर चढ़ाने की भी कोशिश हुई।