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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नारायणपुर से कोहकामेटा तक 31 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नारायणपुर से कोहकामेटा तक 31 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण


नारायणपुर, 30 मई। नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ के कोहकामेटा में कभी पक्की सड़क पहुचेगी ये कल्पना यहां के बाशिन्दों ने कभी की नही थी लेकिन पिछले 3 सालों में यहां की तस्वीर बदली ये सब कुछ हुआ पुलिस के नए केम्प की स्थापना से । इन तीन सालों में पुलिस ने ना सिर्फ लोगो मे विश्वास जगाया बल्कि विकास की किरण को भी यहां पहुचाने में अहम कड़ी साबित हुए और नारायणपुर से कोहकामेटा 31 किलोमीटर सड़क बनकर तैयार हो गई । सड़क के बन जाने से अब हर सुविधा नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले कोहकामेटा में पहुचने लगी है जिससे यहां के लोग काफी खुश है । वही एसपी मोहित गर्ग का कहना है किसी भी गांव का विकास सड़क मार्ग से ही पहुँचता है जल्द ही अबूझमाड़ के मुख्यालय ओरछा तक भी सड़क बन जाएगी ।नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ के कोहकामेटा में पहुची पक्की सड़क अबूझमाड़ के बदलते तस्वीर औऱ नक्सलियों के ख़ौफ़ से मुक्त होते हुए बदलते तस्वीर की तरफ इशारा कर रही है ।


ज्ञात हो कि  नारायणपुर जिला मुख्यालय से 31 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के घने जंगलों के बीच बसा कोहकामेटा गांव नक्सली समस्या से जूझ रहा था । विकास विरोधी नक्सलियों ने शिक्षा के मंदिर , स्वास्थ केंद्र , पंचायत भवन को तोड़ने , लोगो को शासन प्रशासन से दूर रखकर लोगो देश दुनिया से अलग कर दिया था लेकिन नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2018 के नंवबर माह में पुलिस केम्प खोला ।  जिसके बाद धीरे धीरे इस नक्सलियों के गढ़ से पहले यहां के लोगो के मन से नक्सलियों के ख़ौफ़ को दूर किया गया फिर विकास की नींव डालनी शुरू की गई । जिसकी शुरुवात वर्ष 2019 में कोहकामेटा तक सड़क निर्माण कार्य कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू किया गया और 2021 में नारायणपुर से कोहकामेटा 31 किलोमीटर डामरीकरण सड़क का निर्माण हो गया। इस दौरान कई शासकीय भवनों का भी निर्णय कार्य शुरू किया गया । इस दौरान कोहकामेटा पुलिस केम्प को जनवरी 2020 में थाना में तब्दील किया गया । वही अबूझमाड़ के कोहकामेटा में निवास करने वाले ग्रामीणों का कहना है कि ये किसी सपने से कम नही है कि हमारे गांव तक डामर की पक्की सड़क बनाकर तैयार हो गई है । जो कभी हमने सोचा ही नही था कि यहां कभी पक्की सड़क बन पायेगी । ये सब पुलिस केम्प खुलने के बाद ही संभव हो पाया है अब हमारे यहां स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी , पीडीएस राशन की गाड़ी , नल गाड़ी , अधिकारीयो की गाड़ी पहुचने लगी है । अब हमें भी शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिलने लगा है। 


मोहित गर्ग पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कोहकामेटा में नक्सलियों के भय को दूर कर ग्रामीणों में शासन प्रशासन के प्रति विश्वास जगाने का कार्य करना और कोहकामेटा तक पहुच मार्ग का निर्माण करना किसी चुनौती से कम नहीं था । पुलिस केम्प खुलने के बाद लोगो के मन से नक्सलियों के भय को दूर कर पुलिस के प्रति विश्वास जगाया गया जिसके बाद ग्रामीण भी आगे आये और साथ मिलकर विकास की बाधाओं को दूर कर सड़क निर्माण कार्य कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू किया गया और नारायणपुर से कोहकामेटा तक 31 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया । किसी भी गांव का विकास सड़क मार्ग से ही संभव हो सकता है अब सड़क बनने के बाद यहां सभी सुविधाएं पहुचने लगी है जो कभी नक्सलियों के चलते इनसे महरूम थी ।