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रंगसंस्कृति की चेतना का बड़ा आईकॉन नाट्यकर्मी बसंत काशीकर का निधन

रंगसंस्कृति की चेतना का बड़ा आईकॉन नाट्यकर्मी बसंत काशीकर का निधन

रायपुर, 14 मई। वरिष्ठ नाट्यकर्मी  बसंत काशीकर का आज जबलपुर में निधन हो गया। नाट्य जगत का चमकता सितारा जिसने अपनी नाट्य कला से संस्कारधानी जबलपुर के हर दर्शक के दिल में अमिट छाप छोड़ी । मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि भारत के विभिन्न प्रांतों में जाकर अपनी कला से लोगों को सम्मोहित करने वाला हसमुख स्वभाव के धनी बसंत काशीकर ने आज 14 मई को नश्वर देह त्याग कर परमपिता में समाहित हो गये। वे विवेचना जबलपुर से जुड़े हुए थे । उन्होंने बहुत से नाटको में अभिनय किया और उनका निर्देशन भी किया । बंसत काशीकर स्टेट बैंक की सेवा से रिटायर थे । उन्होंने बैंक में काम करते हुए भी बहुत से नाटक किए ।ईश्वर उनके परिवार को इस गहन दुख को वहन करने की क्षमता दें । जनधारा परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।


जबलपुर में साझा रंगकर्म की नींव रखने में अन्य रंगकर्म संस्थाओं के संस्थापकों में  बसंत काशीकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वैचारिक मतभेदों के पश्चात इतनी रंगकर्म संस्थाओं का एक मंच पर लाने का कार्य इन्होंने किया। इसके अलावा राजधानी रायपुर में भी इनकी पोस्टिंग थी, और यहां भी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया और बाहर भी सक्रिय थे।  बसंत काशीकर में आंचलिकता की अच्छी सूझ थी। 

बसंत काशीकर की अपनी पहचान, प्रतिष्ठा है, उनके काम की प्रशंसा पूरे देश में होती है। वे जबलपुर के रंगसंस्कृति की चेतना का बड़ा आईकॉन बने। वे बहुत विनम्र, सज्जन और अपने काम पर भरोसा रखने वाले व काम के परिणाम पर भरोसा रखने वाले थे। वे लगभग 40 साल से भी अधिक समय से थियेटर में काम कर रहे हैं और इस कला को पूरे देश में पहुंचाया।