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पादप एवं वन्यजीव संरक्षण योजना स्वीकृति को लेकर हुई बैठक,करोड़ो के विकास कार्य, प्रभावित गांव के ग्रामीणों में असंतोष

 पादप एवं वन्यजीव संरक्षण योजना स्वीकृति को लेकर हुई बैठक,करोड़ो के विकास कार्य, प्रभावित गांव के ग्रामीणों में असंतोष


भानुप्रतापपुर। रावघाट लौह अयस्क खनन परियोजना (रकबा 883.220 हेक्टेयर) क्षेत्र के लिए पादप एवं वन्यजीव संरक्षण योजना की स्वीकृति को लेकर आज बुधवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में बैठक आहूत की गई। इस दौरान रुपये 5378.00 लाख से
कांकेर एवं नारायणपुर जिले के   प्रभावित ग्रामो में स्वास्थ्य, शिक्षा सहित मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण किये जाने पर बात कही गई।

 रावघाट परियोजना

बैठक के दौरान रावघाट परियोजना के तहत नारायणपुर जिले के 12 ग्राम एवं अंतागढ़ ब्लाक के 10 ग्राम प्रभावित हो रहे है
विदित हो कि भारत सरकार पर्यावरण एवं वन मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र क्रमांक 8-44/2005 एफसी(पीटी) दिनांक 03-08-2009 द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र रावघाट लौह अयस्क परियोजना शर्तो के तहत स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई ने वन अनुसंधान प्रशिक्षण केंद्र देहरादून के माध्यम से  नारायणपुर एवं कांकेर जिले के प्रभावित ग्रामो में पादम एवं वनजीव संरक्षण योजना तैयार कराई गई। जिसमें ईको डेवलपमेंट योजना भी भी सम्मिलित है। उक्त संस्थान द्वारा प्रस्तावित योजना का
 परिक्षणोंपरान्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक(वन्य प्राणी प्रबंधन एवं  जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन संरक्षक(वन्य प्राणी प्रबंधन एवं  जैव विविधता संरक्षण) छग पत्र क्रमांक / वप्रा/प्रबंध 176/ 2015/461/दिनांक 15-08-15 द्वारा रुपये 5378.00 लाख 20 वर्षीय योजना स्वीकृत की गई है।

 प्रभावित 22 ग्राम

रावघाट परियोजना के तहत नारायणपुर जिले के नारायणपुर ब्लाक के अंतर्गत कुल
12 ग्राम जिनमे अंजरेल, परल भाट, खोड़गांव, भरन्डा,खड़कागांव, टेमरुगांव,सुपगांव गुरिया, बिजली, खैरभांट, कनेरा एवं केरलाया वही कांकेर जिले के अंतागढ़  ब्लाक के फूलपाड़,आतुरबेड़ा, बैहासाल्हे भांट, भैसागांव, कुम्हारी,पांडर गांव, घोटिया, कोलर,तालाबेड़ा, साल्हेभांट, ग्राम प्रभावित हो रहे है जहा पर स्वास्थ्य, शिक्षा सहित मूलभूत सुविधाओं पुर्ण कराए जाने की बात कही गई है।


 उपस्थित रहे जनप्रतिनिधी व अधिकारी
अनूप नाग विधायक अंतागढ़, शिशुपाल शोरी विधायक कांकेर, कैम्पा विभाग से श्रीनिवास राव मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एस एस डी बडगैय्या मुख्य वन संरक्षक कांकेर, कलेक्टर कांकेर चंदन कुमार  कलेक्टर नारायण पुर धर्मेश साहू, डीएफओ मनीष कश्यप पूर्व वनमंडल भानुप्रतापपुर, डीएफओ आर सी मेश्राम पश्चिम वनमंडल भानुप्रतापपुर, डीएफओ एन आर घुटे वन मंडल नारायणपुर,  जे एल उयके सीएमओ कांकेर, डॉ अखिलेश ध्रुव बीएमओ भानुप्रतापपुर एसडीएम भानुप्रतापपुर एवं अंतागढ़,आनंद राम नेताम तहसीलदार भानुप्रतापपुर
रेंजर भानुप्रतापपुर मुकेश नेताम,दुर्गुक़ोंदल देवलाल दुग्गा अंतागढ़ श्री ठाकुर एवं आमाबेड़ा
 सहित दोनों जिले के संबधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 क्या कहा ग्रामीण ने
प्रभावित ग्रामो के रेनू कोरेटी सरपंच ग्राम पंचायत मंहका, लक्ष्ण दुग्गा सरपंच ग्राम पंचायत पालकी, देवनाथ उसेंडी जिलाध्यक्ष कांग्रेस एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष नारायणपुर, श्रीमती तीजई कुमेटी सरपंच ग्राम पंचायत भरेन्डा, अघाती राम सलाम सरपंच ग्राम पंचायत करलखा,बिसेन नाग सरपंच ग्राम पंचायत खाडागाव एवं रमेश नाग
सरपंच ग्राम पंचायत सूलेंगा ने बताया कि जो प्रशासन के द्वारा पत्र बनाया गया है,वे समझ से परे है हम सभी का कहना है कि प्रत्येक गांव में स्कूल एवं हॉस्पिटल न बनाते हुए अंतागढ़ एवं नारायणपुर क्षेत्र में सर्व सुविधायुक बड़े हॉस्पिटल एवं स्कूल बनाये जाए ताकि प्रभावित ग्रामीण व बच्चों को लाभ मिल सके इनके अलावा भी गांवों में मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध कराए जाएं यदि ऐसा नही किया जाएगा तो भविष्य में हम सभी ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

 विधायक ने कहा
विधायक अनूप नाग, एवं शिशुपाल शोरी ने कहा कि शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है निश्चित ही इससे प्रभावित गावो के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार ग्राम पंचायत से प्रस्ताव के माध्यम से कार्य किया जाएगा।