breaking news New

BREAKING : तापमान के टूटते रिकॉर्ड के बीच बनने जा रहा एक और नया कीर्तिमान

BREAKING : तापमान के टूटते रिकॉर्ड के बीच बनने जा रहा एक और नया कीर्तिमान

राजकुमार मल

भाटापारा- तेज, तीखी और सीधी पड़ती धूप से धरती भी झुलस रही है। आमतौर पर मई के प्रथम सप्ताह में  स्वॉयल टेंप्रेचर 43 डिग्री सेल्सियस रहता आया है लेकिन बरसों बाद नया परिवर्तन 47 डिग्री सेल्सियस के रूप में दिखाई दे रहा है। इसमें कमी के संकेत मानसून के पहले तक नहीं हैं लेकिन यह पहला साल है, जब धरती इतनी ज्यादा तप रही है।


तापमान के टूटते रिकॉर्ड, बनते नए कीर्तिमान के बीच एक और कीर्तिमान बनने जा रहा है। यह स्वॉयल टेंपरेचर में बनता नजर आ रहा है। हैरत में हैं मौसम वैज्ञानिक यह देखकर कि सतह के भीतर भी तापमान उच्चतम स्तर के करीब जा रहा है। पूर्वानुमान लगाने में भी कठिनाई आ रही है कि बढ़ते स्वॉयल टेंपरेचर का प्रतिकूल असर क्या और कैसा रहेगा ? इतना ही कहा जा सकता रहा है कि पहले कभी भी धरती का तापमान इतना ज्यादा नहीं रहा।

अभी 47 डिग्री सेल्सियस

दोपहर 2 बजे से बढ़ता स्वॉयल टेंपरेचर शाम 5 बजे तक देखा जा रहा है। इसमें कमी के संकेत शाम 6 बजे से मिल रहे हैं। देर रात यह अपनी सामान्य स्थिति में आ जा रहा है लेकिन तेज, तीखी और सीधी पड़ती धूप जैसी बढ़त ले रही है उससे स्वॉयल टेंपरेचर 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। राहत बस इतनी ही है कि जितनी तेजी से यह बढ़ रहा है, उसी गति से सामान्य भी हो  रहा है।

मध्य मई तक ऐसी आशंका

चालू माह में स्वॉयल टेंपरेचर की जैसी स्थिति बन रही है, उसे देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि स्वॉयल टेंपरेचर 50 से 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजस्थान की मरूभूमि वाले क्षेत्र में यह 55 डिग्री सेल्सियस जाता रहा है। इसलिए प्रबल संभावना इस बात की है कि इस बार हालात पूरी तरह प्रतिकूल बनते नजर आ रहे हैं।


कृषि भूमि के लिए सही

स्वॉयल टेंपरेचर की जैसी स्थिति बन रही है, उसे खेतिहर भूमि के लिए बेहतर संकेत माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बढ़ता तापमान इस लिहाज से अच्छा है क्योंकि भूमि का तापमान जितना ज्यादा होगा, कीट प्रकोप की आशंका उतनी ही कम होगी। इसके अलावा फसलों को हानि पहुंचाने वाले कीट स्वमेव खत्म होंगे।

बढ़त के संकेत

स्वॉयल टेंपरेचर इस समय 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। इसमें बढ़त के संकेत मिल रहे हैं। दोपहर बाद, देर शाम तक यह तापमान नीचे जा रहा है।

- डॉ एस आर पटेल, रिटायर्ड साइंटिस्ट, एग्रोनॉमी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर

कृषि भूमि के लिए बेहतर

स्वॉयल टेंपरेचर से संकेत मिलता है कि यह कृषि भूमि के लिए बेहतर है। इस तापमान में हानिकारक सूक्ष्म कीट स्वमेव नष्ट हो जाएंगे। किसानों को सलाह दी जा रही है कि कल्टीवेशन की तैयारी रखें, क्योंकि यह तापमान, मिट्टी की जलधारण क्षमता भी बढ़ाने में सहायक होगा।

- एस आर पैकरा, उपसंचालक, कृषि, बलौदा बाजार