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COVID से अब तक सुप्रीम कोर्ट के 10 और हाई कोर्ट के 106 जज संक्रमित- CJI रमणा

COVID से  अब तक सुप्रीम कोर्ट के 10 और हाई कोर्ट के 106 जज संक्रमित- CJI रमणा


डेस्क। देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से हर वर्ग और पेशे से जुड़े लोग प्रभावित हुए हैं। कोविड-19 के दौरान पिछले एक साल में न्याय व्यवस्था से जुड़े लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है। भारत के चीफ जस्टिस (CJI) एनवी रमणा ने गुरुवार को कहा कि देश भर में जजों और न्यायिक अधिकारियों के कोविड-19 संक्रमित होने के बावजूद न्याय पहुंचाने की कोशिश जारी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और देश के हाई कोर्ट में जजों और स्टाफ के संक्रमित होने के आंकड़े भी दिए।


अब तक हाई कोर्ट के 106 जज कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। देश के हाई कोर्ट में कुल 660 जजों की क्षमता है। यानी 15 फीसदी से ज्यादा जज कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में सुप्रीम कोर्ट के 10 जज पॉजिटिव आए हैं।


उन्होंने कहा कि अभी तक कम से कम 2,768 से ज्यादा न्यायिक अधिकारी देश भर में वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में संक्रमण का पहला मामला 27 अप्रैल 2020 को आया था। इसके बाद अब तक सुप्रीम कोर्ट के 800 स्टाफ संक्रमित हुए हैं। 6 सीनियर रजिस्ट्री स्टाफ भी पॉजिटिव हुए और 10 अतिरिक्त रजिस्ट्रार भी संक्रमित हुए। दुर्भाग्य से हमने अपने 3 अधिकारियों को खो भी दिया।”


कोविड के बावजूद पूरी क्षमता से कर रहे सेवा- CJI

वर्चुअल सुनवाई से मीडियाकर्मियों को जोड़ने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च करने के दौरान सीजेआई ने कहा कि कोविड ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि हम अपने परिवार के सदस्यों से अपने घर (कोर्ट) में मिलने में अयोग्य हैं। कोर्ट को वर्चुअल प्लैटफॉर्म पर लाना बहुत मुश्किल प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, “इस महामारी में सुप्रीम कोर्ट के कई कर्मचारियों और उनके परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद हर कोई अपनी पूरी क्षमता के साथ सेवा दे रहा है ताकि न्याय मिलना जारी रहे।”


ऐप लॉन्चिंग के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भी मौजूद थे, जो एक दिन पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे. जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस दौरान कहा, “इस ऐप को डेवलेप करने वाले हमारे कई स्टाफ संक्रमित है। इस पर काम करने वाले सभी 6 लोग पॉजिटिव पाए गए है। हम उम्मीद करते हैं कि इस सुविधा से सभी सुरक्षित रहेंगे। उम्मीद है कि सीजेआई की तरफ से आने वाले समय में कई तरह के उठाए जाने वाले कदमों का यह हिस्सा है।”